धमतरी जिला अस्पताल में 8 महीने से खराब डिजिटल एक्स-रे मशीन, मरीजों को रिपोर्ट के लिए करना पड़ रहा इंतजार

Dhamtari District Hospital: धमतरी जिले के जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं लगातार बिगड़ती जा रही हैं। मरीजों को समय पर जांच रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है, जिससे इलाज में देरी हो रही है। अस्पताल की डिजिटल एक्स-रे मशीन पिछले आठ महीने से बंद पड़ी है। इस वजह से मरीज़ों को मैनुअल तकनीक से एक्स-रे कराना पड़ रहा है, जिसकी रिपोर्ट मिलने में घंटों लग जाते हैं।

डिजिटल मशीन अब तक नहीं पहुंची, मरीज परेशान

अस्पताल प्रबंधन ने चार बार शासन को डिजिटल एक्स-रे मशीन की मांग भेजी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरी में अस्पताल को 23 साल पुरानी मैनुअल मशीन से काम चलाना पड़ रहा है। इससे न केवल पिक्चर क्वालिटी खराब आ रही है, बल्कि मरीजों को बार-बार अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कुछ मरीज खुद ही एक्स-रे फिल्म को धूप में सुखाकर रिपोर्ट हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।

एक्स-रे की संख्या घटकर आधी हुई

डिजिटल मशीन खराब होने से एक्स-रे की संख्या में भी भारी गिरावट आई है। पहले जहां हर दिन 80 से 90 एक्स-रे होते थे, अब केवल 30 से 35 ही हो पा रहे हैं। रिपोर्ट मिलने में देरी के चलते ज़्यादातर मरीज अब निजी केंद्रों का रुख कर रहे हैं।

सोनोग्राफी के लिए भी दो दिन की वेटिंग

अस्पताल में सोनोग्राफी जांच को लेकर भी हालात ठीक नहीं हैं। महिलाओं को दो-दो दिन बाद की तारीख दी जा रही है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई मरीज 21 अगस्त को जांच के लिए आता है, तो उसे 24 अगस्त को बुलाया जा रहा है। इससे गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोगियों को काफी परेशानी हो रही है।

सीमित सिटी स्कैन सुविधा, गंभीर मरीज रेफर

Dhamtari Hospital News: धमतरी जिला अस्पताल में करोड़ों की लागत से सिटी स्कैन यूनिट तो लगाई गई है, लेकिन इसमें सिर्फ सिर और चेहरे की जांच हो रही है। गला, पेट, लीवर, मुंह और गले के कैंसर जैसी जांचें नहीं हो पा रही हैं। इन मरीजों को मजबूरन दूसरे अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है।

जरूरी ब्लड टेस्ट भी नहीं हो रहे

Digital X-Ray Machine Issue: अस्पताल की हमर लैब में 84 प्रकार की जांच की सुविधा जरूर है, लेकिन थायराइड, विटामिन D, B-12 और हार्मोन से जुड़ी जांचें नहीं हो पा रही हैं। इस कारण थायराइड जैसी आम बीमारी के मरीजों को 500-600 रुपये खर्च कर निजी लैब में जांच करानी पड़ रही है।

मरीजों में नाराज़गी, अस्पताल प्रबंधन भी लाचार

जिला अस्पताल के मैनेजर डॉ. गिरीश कश्यप ने बताया कि कई बार शासन और जिला प्रशासन को इस संबंध में जानकारी दी गई है। उनका कहना है कि जल्द ही डिजिटल एक्स-रे मशीन की व्यवस्था की जाएगी। फिलहाल अस्पताल में 14 साल से कम और 60 साल से अधिक उम्र के मरीजों के लिए एक्स-रे की सुविधा मुफ्त है, जबकि अन्य मरीजों को 120 रुपये देने होते हैं।

डीआर मशीन से मिल सकती है राहत

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अस्पताल में डायरेक्ट रेडियोग्राफी (DR) मशीन लगाई जाए तो रिपोर्ट महज दो मिनट में मिल सकती है, साथ ही पिक्चर क्वालिटी भी बेहतर होगी। लेकिन फिलहाल अस्पताल पुराने उपकरणों के भरोसे ही चल रहा है, जिससे मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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