
CG Youth Congress Elections: छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव की घोषणा होते ही राज्य में सियासी हलचल काफी तेज हो गई है। रायपुर समेत तमाम जिलों में अलग-अलग पदों पर किस्मत आजमा रहे दावेदार पूरी ताकत से मैदान में उतर चुके हैं। इस बार चुनावी समर का सबसे मुख्य केंद्र सोशल मीडिया बना हुआ है। प्रत्याशी पारंपरिक बैठकों से इतर डिजिटल मंचों पर सीधे मतदाताओं से संवाद साध रहे हैं।
29 सितंबर तक होगी ऑनलाइन वोटिंग प्रक्रिया
CG Youth Congress Elections Voting Date: संगठन के विभिन्न पदों के चुनाव के लिए ऑनलाइन मतदान का दौर शुरू हो गया है। कार्यकर्ता और सदस्य 29 सितंबर तक अपने पसंदीदा उम्मीदवार के समर्थन में वोट डाल सकेंगे। इस बार मतदान का माध्यम डिजिटल होने की वजह से पूरे चुनाव की रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष से लेकर जिला स्तर तक कड़ा मुकाबला
चुनाव में कई महत्वपूर्ण पदों पर सीधा मुकाबला देखा जा रहा है। इनमें प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महासचिव, शहर जिला महासचिव, जिला अध्यक्ष और विधानसभा अध्यक्ष जैसे प्रमुख पद शामिल हैं। हर पद के लिए कई युवा नेता अपने-अपने दावे ठोक रहे हैं।
चुनाव मैदान में उतरे कई प्रमुख नाम
प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए हनी परमजीत बग्गा ने अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है। वहीं रायपुर ग्रामीण जिला महासचिव के लिए किशन साहू और रायपुर शहर जिला महासचिव के लिए सिद्धार्थ दीवान आमने-सामने हैं। इसके अलावा प्रदेश महासचिव पद पर अमित तिवारी और रायपुर जिला अध्यक्ष पद के लिए आजाद वर्मा चुनावी मैदान में डटे हैं।
सोशल मीडिया बना प्रचार का सबसे बड़ा हथियार
प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ मिलकर फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म पर लगातार पोस्ट साझा कर रहे हैं। उम्मीदवारों के परिचय, संगठन में उनके पुराने काम और प्राथमिकताओं को दिखाते छोटे वीडियो खूब शेयर किए जा रहे हैं।
रील्स और डिजिटल पोस्टर से साधे जा रहे मतदाता
डिजिटल प्रचार के जरिए उम्मीदवार सीधे तौर पर अपने समर्थकों से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं। मतदाता को अपने पक्ष में करने के लिए रोजाना नए बैनर, पोस्टर और रील्स तैयार की जा रही हैं। प्रत्याशी कार्यकर्ताओं से अपील कर रहे हैं कि वे उनकी पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।
ऑनलाइन वोटिंग की वजह से बदली प्रचार शैली
चूंकि वोटिंग पूरी तरह ऑनलाइन मोड में हो रही है, इसलिए हर एक मतदाता तक व्यक्तिगत रूप से पहुंचना और उन्हें वोटिंग की प्रक्रिया समझाना बेहद जरूरी हो गया है। उम्मीदवारों को घर-घर जाने के बजाय अपने समर्थकों के फोन तक पहुंच बनाने में ज्यादा सहूलियत दिख रही है।
29 सितंबर के बाद तय होंगे नए चेहरे
अब देखना होगा कि सोशल मीडिया की यह सक्रियता किस प्रत्याशी के कितने काम आती है। 29 सितंबर तक चलने वाले इस डिजिटल चुनाव के बाद ही साफ होगा कि छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस की कमान किन नए युवा चेहरों के हाथों में सौंपी जाएगी।



