Dhamtari Dam Water Level: धमतरी के 4 बांधों में 90% से ज्यादा भरा पानी, ऑटोमैटिक खुला एशिया का इकलौता साइफन डैम मुरूमसिल्ली का गेट

Gangrel Dam Alert: छत्तीसगढ़ में बीते दिनों से हो रही रुक-रुक कर बारिश के कारण धमतरी जिले के जल संसाधनों की स्थिति काफी मजबूत हुई है। जिले के चारों प्रमुख बांध गंगरेल, मुरूमसिल्ली, दुधावा और सोंढुर लबालब भर चुके हैं। कैचमेंट एरिया से लगातार हो रही पानी की आवक को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। बांधों का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंचने के बाद तटीय और निचले इलाकों के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सावधान रहने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

हवा के दबाव से अपने आप खुले मुरूमसिल्ली बांध के गेट

Dhamtari Flood News: एशिया के इकलौते और ऐतिहासिक ‘साइफन डैम’ यानी मुरूमसिल्ली बांध का जलस्तर 98 प्रतिशत से अधिक होते ही इसका ऑटोमैटिक सिस्टम सक्रिय हो गया। बांध में कुल 34 गेट हैं, जिनमें से बेबी साइफन सिस्टम के तहत हवा के दबाव से गेट अपने आप खुल गए और पानी की तेज निकासी शुरू हो गई। इस अनोखे और सुंदर दृश्य को देखने के लिए पर्यटकों की भीड़ जुटने लगी है। जल संसाधन विभाग की टीम बांध से हो रहे पानी के बहाव पर लगातार नजर बनाए हुए है।

धमतरी के प्रमुख जलाशयों में जलस्तर के ताजा आंकड़े

जिले के बांधों में जलभराव की स्थिति क्षमता के करीब पहुंच चुकी है। 5.849 टीएमसी क्षमता वाले मुरूमसिल्ली बांध में 98.82 फीसदी पानी भर चुका है। वहीं 32 टीएमसी क्षमता वाले गंगरेल (रविशंकर) जलाशय में 29 टीएमसी से अधिक यानी करीब 90.72 प्रतिशत जलभराव दर्ज हुआ है। इसके अलावा 10.192 टीएमसी क्षमता वाले दुधावा बांध में 82.37 फीसदी और 6.995 टीएमसी क्षमता वाले सोंढुर बांध में 68.77 प्रतिशत पानी आ चुका है।

प्रदेश के अन्य बड़े बांधों की स्थिति भी मजबूत

Dhamtari Dam Water Level: धमतरी ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य बड़े और मध्यम जलाशयों में भी पानी की आवक तेज है। खारंग, कोडार और मनियारी बांध पूरी तरह 100 प्रतिशत भर चुके हैं। मिनिमाता बांगो जलाशय में 90.78 प्रतिशत, सिकासार में 81.43 प्रतिशत, तांदुला में 78.73 प्रतिशत और केलो बांध में 37.03 प्रतिशत जलभराव हो चुका है। लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है, जिससे सिंचाई के लिए पर्याप्त जल संसाधन उपलब्ध हो गया है।

वाटर लेवल मेंटेन करने के लिए बांधों से छोड़ा जा रहा पानी

Murumsilli Siphon Dam: बांधों का संतुलन बनाए रखने के लिए विभिन्न माध्यमों से अतिरिक्त पानी की निकासी की जा रही है। गंगरेल जलाशय से पेनस्टॉक के जरिए 940 घनमीटर और नहर से 43 घनमीटर प्रति सेकंड पानी छोड़ा जा रहा है। मुरूमसिल्ली के साइफन से 722 घनमीटर, दुधावा से 528 घनमीटर, सोंढुर से 972 घनमीटर और कोडार बांध से 1174 घनमीटर प्रति सेकंड की दर से पानी निकाला जा रहा है। इसी प्रकार बांगो, सिकासार, तांदुला और केलो बांधों से भी नियंत्रित मात्रा में पानी डिस्चार्ज हो रहा है।

निचले इलाकों में मुनादी और गोताखोरों की तैनाती

जलभराव और लगातार पानी छोड़े जाने के खतरे को देखते हुए धमतरी जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर काम कर रहा है। नदियों और नालों के किनारे बसे गांवों में लोगों को पानी के करीब न जाने की हिदायत दी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नगर सेना की होमगार्ड और गोताखोरों की विशेष टीमों को तैनात किया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियंत्रण कक्ष के संपर्क में रहकर स्थिति पर 24 घंटे निगरानी रखें।

Also Read: धमतरी का मांदागिरी पर्वत बनेगा नया टूरिस्ट स्पॉट, ट्रेकिंग और एडवेंचर की मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button