
चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने बड़ी खुशखबरी दी है। मेले के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने इतवारी (नागपुर) से कोरबा के बीच एक विशेष मेमू ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन 23 मार्च से 28 मार्च 2026 तक पटरी पर दौड़ेगी, जिससे छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के सीमावर्ती इलाकों से आने वाले हजारों भक्तों को सीधी राहत मिलेगी। इस स्पेशल ट्रेन के चलने से न केवल नियमित ट्रेनों में भीड़ कम होगी, बल्कि यात्रियों को सुगम और सस्ता सफर भी उपलब्ध होगा।
इतवारी-कोरबा के बीच चलेगी मेमू स्पेशल: जानें समय और रूट
रेलवे द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार, ट्रेन नंबर 06883 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-कोरबा मेमू स्पेशल सुबह 5:00 बजे इतवारी से अपनी यात्रा शुरू करेगी। विभिन्न स्टेशनों से होते हुए यह ट्रेन उसी दिन शाम 7:30 बजे कोरबा पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन नंबर 06884 कोरबा-इतवारी मेमू स्पेशल सुबह 5:10 बजे कोरबा से रवाना होगी और शाम 7:30 बजे वापस इतवारी पहुंचेगी। यह ट्रेन दोनों ही दिशाओं से श्रद्धालुओं के लिए दिन के समय एक बेहतरीन विकल्प साबित होगी।
स्पेशल ट्रेन की समय-सारणी एक नजर में
| ट्रेन नंबर और नाम | प्रस्थान (Origin) | प्रस्थान समय | आगमन (Destination) | आगमन समय |
| 06883 (इतवारी-कोरबा) | नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) | सुबह 05:00 | कोरबा | शाम 07:30 |
| 06884 (कोरबा-इतवारी) | कोरबा | सुबह 05:10 | नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) | शाम 07:30 |
डोंगरगढ़ में विशेष ठहराव: माता के दर्शन के लिए मिलेगी 5 मिनट की मोहलत
डोंगरगढ़ स्टेशन पर बम्लेश्वरी माता के दर्शन के लिए सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ती है, इसलिए रेलवे ने यहां विशेष प्रबंध किए हैं। इतवारी से आने वाली ट्रेन सुबह 9:06 बजे डोंगरगढ़ पहुंचेगी और भक्तों की सुविधा के लिए यहाँ 5 मिनट का लंबा ठहराव दिया गया है। इसी तरह, कोरबा से आने वाली वापसी की ट्रेन दोपहर 1:41 बजे डोंगरगढ़ पहुंचेगी और 1:46 बजे आगे के लिए रवाना होगी। 5 मिनट का यह समय बुजुर्गों और बच्चों के साथ यात्रा कर रहे परिवारों के लिए सुरक्षित रूप से उतरने और चढ़ने में सहायक होगा।
63 स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन: छोटे गांवों के श्रद्धालुओं को भी बड़ा लाभ
इस स्पेशल ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसका ठहराव है। यह ट्रेन रास्ते में पड़ने वाले कुल 63 स्टेशनों पर रुकेगी, जिससे छोटे स्टेशनों के यात्रियों को मुख्य जंक्शन तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ यह ट्रेन तिल्दा, भाटापारा, अकलतरा और चांपा जैसे महत्वपूर्ण केंद्रों पर भी रुकेगी। नीचे तालिका में कुछ प्रमुख स्टेशनों के नाम दिए गए हैं जहाँ यह ट्रेन ठहरेगी:
यात्रा के दौरान पड़ने वाले मुख्य स्टेशन
| खंड (Section) | प्रमुख ठहराव (Key Halts) |
| महाराष्ट्र क्षेत्र | कलमना, कामठी, कन्हान, भंडारा रोड, तुमसर रोड, तिरोड़ा, गोंदिया |
| राजनांदगांव-दुर्ग खंड | आमगांव, सालेकसा, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, भिलाई नगर, पावर हाउस |
| रायपुर-बिलासपुर खंड | रायपुर, उरकुरा, तिल्दा नेवरा, भाटापारा, बिल्हा, चकरभाठा, बिलासपुर |
| जांजगीर-कोरबा खंड | अकलतरा, जांजगीर-नैला, चांपा, उरगा, कोरबा |
भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा: रेलवे ने की पुख्ता तैयारी
नवरात्रि मेले के दौरान डोंगरगढ़ स्टेशन पर पैर रखने की जगह नहीं होती। ऐसे में इस अतिरिक्त ट्रेन के संचालन से नियमित एक्सप्रेस ट्रेनों पर दबाव काफी कम हो जाएगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए डोंगरगढ़ और अन्य प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त आरपीएफ (RPF) जवानों की तैनाती का भी फैसला लिया है। साथ ही, मेमू ट्रेन होने के कारण इसमें अधिक संख्या में यात्री सफर कर सकेंगे, जिससे अनधिकृत रूप से दूसरी ट्रेनों में चढ़ने वाली भीड़ पर अंकुश लगेगा।
सुगम यात्रा का उद्देश्य: श्रद्धालुओं की श्रद्धा का सम्मान
रेलवे का प्राथमिक उद्देश्य धार्मिक पर्वों के दौरान आम नागरिक को सस्ती और सुलभ परिवहन सेवा प्रदान करना है। बम्लेश्वरी मेले के लिए चलाई गई यह मेमू ट्रेन न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि सड़क मार्ग के मुकाबले काफी किफायती भी होगी। भक्तों को अब निजी वाहनों या खचाखच भरी बसों के बजाय ट्रेन से सफर करने का विकल्प मिलेगा, जिससे वे थकान मुक्त होकर माता के दरबार में हाजिरी लगा सकेंगे।
ऑनलाइन और ऑफलाइन टिकट की सुविधा: ऐसे करें बुकिंग
इस स्पेशल ट्रेन के लिए टिकट बुकिंग की प्रक्रिया सामान्य मेमू ट्रेनों की तरह ही रहेगी। यात्री रेलवे काउंटर के साथ-साथ ‘यूटीएस’ (UTS) ऐप के जरिए भी जनरल टिकट बुक कर सकते हैं। चूंकि यह एक अनारक्षित स्पेशल ट्रेन है, इसलिए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे स्टेशन पर भीड़ से बचने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि मेले की अवधि के दौरान अन्य नियमित ट्रेनों के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है, वे अपने निर्धारित समय पर ही चलेंगी।



