
CM House Meeting CM Vishnu Deo Sai Statement: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री निवास में देर रात तक चली मंत्रियों की बैठक को लेकर मचे सियासी घमासान पर खुद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्थिति साफ की है. जशपुर रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बैठक को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन यह कोई आपातकालीन या इमरजेंसी बैठक नहीं थी. उन्होंने बताया कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल नेतृत्व के 12 वर्ष पूरे होने पर पार्टी कई बड़े आयोजन करने जा रही है. इसी सिलसिले में सभी मंत्रियों और विधायकों को सौंपे गए सांगठनिक कामों की समीक्षा के लिए यह बैठक बुलाई गई थी.
मोदी सरकार के शानदार 12 साल पूरे होने पर बड़े अभियान की तैयारी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि केंद्र सरकार के कार्यकाल पर केंद्रित ’12 साल विश्वास के, विकास के, 12 साल बेमिसाल’ नारे के साथ प्रदेश भर में विशेष कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. बैठक में इन सभी आयोजनों की मौजूदा प्रगति और भावी कार्ययोजना को लेकर मंत्रियों से विस्तृत चर्चा की गई. इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने तय दौरों की जानकारी देते हुए बताया कि वे भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण करने के लिए जशपुर जा रहे हैं, जिसके बाद वे अपने गृह ग्राम बगिया में रात्रि विश्राम करेंगे.
राहुल गांधी के दौरे पर मुख्यमंत्री साय का तीखा हमला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आगामी छत्तीसगढ़ आगमन पर मुख्यमंत्री ने विपक्षी दल पर करारा तंज कसा. उन्होंने कहा कि देश की जनता भलीभांति जानती है कि राहुल गांधी जहां-जहां कदम रखते हैं, वहां कांग्रेस का क्या हश्र होता है. साय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी कथनी और करनी में भारी अंतर के कारण आम जनता के बीच अपना पूरा विश्वास खो चुकी है. वर्तमान में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के भीतर भयंकर आंतरिक कलह मची हुई है और नेताओं के बीच आपसी खींचतान तथा सिर फुटव्वल जैसी गंभीर स्थिति बनी हुई है.
विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर भी दी जानकारी
प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ में भी इस कानून को निश्चित रूप से लागू किया जाएगा. इसके लिए सरकार की तरफ से एक विशेष कमेटी का गठन पहले ही किया जा चुका है जो विभिन्न कानूनी पहलुओं का अध्ययन कर रही है. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि आगामी मानसून सत्र में इसे इतनी जल्दी सदन के पटल पर लाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं होगा. इसके साथ ही उन्होंने धान खरीदी की व्यवस्था का अध्ययन करने आए महाराष्ट्र के विधायकों के दल से हुई मुलाकात की भी जानकारी दी.



