
CM House Meeting Ajay Chandrakar Statement Video: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री निवास में गुरुवार को हुई मंत्रियों की मैराथन बैठक को लेकर सियासी गलियारों में जारी चर्चाओं के बीच वरिष्ठ भाजपा विधायक अजय चंद्राकर का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने देर रात तक चली इस बैठक को सरकार की एक बेहद अच्छी और सकारात्मक पहल बताया है. अजय चंद्राकर ने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करना और संगठन के साथ मिलकर भविष्य का एक मजबूत खाका तैयार करना था. उन्होंने इसे लेकर लगाई जा रही तमाम राजनीतिक अटकलों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है.
प्रभार वाले जिलों के कामकाज की हुई समीक्षा
गुरुवार रात करीब 9 बजे शुरू हुई यह हाई लेवल मीटिंग देर रात 2 बजे तक चलती रही. बैठक की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य के बाहर दौरों पर गए कुछ मंत्रियों को भी अचानक आपात संदेश भेजकर तत्काल रायपुर बुलाया गया था. बैठक खत्म होने के बाद सभी मंत्री और संगठन के आला पदाधिकारी एक साथ सीएम हाउस से बाहर निकले. इस पांच घंटे की लंबी चर्चा के दौरान सभी मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में अब तक हुए कामकाज, उनके दौरों की रिपोर्ट और क्षेत्रीय समस्याओं के निराकरण को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई.
मंत्रिमंडल में बदलाव की चर्चाओं पर विराम, आगामी कार्यक्रमों पर बना प्लान
इस बैठक को लेकर राजनीतिक हलकों में यह अफवाह तेजी से फैल रही थी कि राज्य सरकार अपने मंत्रिमंडल में कोई बड़ा फेरबदल करने जा रही है. हालांकि, बैठक से बाहर आने के बाद उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट किया कि मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर अंदर कोई बात नहीं हुई है. बैठक के एजेंडे में मुख्य रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा शामिल थी. इन कार्यक्रमों को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए मंत्रियों और विधायकों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं..
विधायक अजय चंद्राकर ने बताया नियमित प्रक्रिया, सरकार और संगठन के बेहतर तालमेल पर जोर
वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ऐसी बैठकों को किसी राजनीतिक उथल-पुथल से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. सत्ता और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के लिए इस तरह के सामूहिक संवाद बेहद जरूरी होते हैं. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस पहल से न केवल शासन के कामकाज में प्रशासनिक कसावट आएगी, बल्कि जनहित की योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप भी मिलेगा. उन्होंने कहा कि बैठक पूरी तरह से राज्य के विकास और जनता से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित थी.
विस्फोटक स्थिति भाजपा में नहीं कांग्रेस में है
कांग्रेस द्वारा साय सरकार पर निशाना साधे जाने के बाद अजय चंद्राकर ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा कि कांग्रेस को दूसरों के घर में झांकने के बजाय अपने गिरेबान में देखना चाहिए. असली विस्फोटक स्थिति तो कांग्रेस में बनी हुई है, जिसके कारण उनके नेता लगातार पार्टी छोड़कर जा रहे हैं. चंद्राकर ने दावा किया कि प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस अब पूरी तरह से अप्रासंगिक हो चुकी है, जबकि भाजपा संगठन और सरकार आपसी समन्वय के साथ नियमित रूप से ऐसी समीक्षा बैठकें करते रहते हैं.
राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ आगमन पर तंज
आगामी 21 जून को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे और पार्टी के प्रशिक्षण शिविर को लेकर भी अजय चंद्राकर ने चुटकी ली. उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या इस बार भी राहुल गांधी के स्वागत के लिए वैसे ही गुलाब के फूल मंगवाए जा रहे हैं जैसे प्रियंका वाड्रा के लिए मंगाए गए थे. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे जहां भी चुनाव प्रचार में जाते हैं, वहां पार्टी को हार का सामना करना पड़ता है. कांग्रेस के मौजूदा रणनीतिकार जनता के बीच पूरी तरह फेल साबित हो चुके हैं.
नीट पेपर लीक मामले पर विपक्ष के नैरेटिव को नकारा
देशभर में नीट परीक्षा को लेकर कांग्रेस द्वारा की जा रही प्रेस कॉन्फ्रेंस पर अजय चंद्राकर ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी खुद आगे आकर ली है और छात्रों के हित में कड़े कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस के इतिहास की याद दिलाते हुए कहा कि उनके शासनकाल में जब ऐसी बड़ी गड़बड़ियां सामने आती थीं, तब किसी भी मंत्री ने कभी कोई जिम्मेदारी नहीं ली थी. चंद्राकर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल ऐसा भ्रम पैदा करने वाला नैरेटिव गढ़ती है जो आम जनता की समझ से परे है.



