CG Guest Lecturer Policy 2026: छत्तीसगढ़ में अतिथि व्याख्याता नीति 2026 लागू, कम योग्यता पर भी मिलेगा मौका, एक ही आवेदन से मिलेगी कई पदों पर भर्ती, जानिए नए नियम

CG Guest Lecturer Policy 2026: छत्तीसगढ़ के शासकीय कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए उच्च शिक्षा संचालनालय ने अतिथि व्याख्याता (संशोधित) नीति 2026 को आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया है। इस नई नीति के आने से उन छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी जिनकी पढ़ाई शिक्षकों की कमी के कारण प्रभावित हो रही थी। इसके अलावा आवेदन प्रक्रिया को भी काफी आसान बना दिया गया है ताकि योग्य युवाओं को अधिक से अधिक अवसर मिल सकें।

एक आवेदन से ही कई पदों के लिए हो जाएगी दावेदारी

नई व्यवस्था के तहत अब अभ्यर्थियों को अलग-अलग पदों के लिए बार-बार फॉर्म भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यदि किसी कॉलेज या संस्थान में एक ही विषय के अंतर्गत प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापक के कई रिक्त पद हैं, तो उम्मीदवार को केवल एक ही आवेदन जमा करना होगा। इसके बाद विषय की तैयार होने वाली मेरिट सूची और वरीयता के आधार पर ही इन अलग-अलग पदों पर चयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

नियमित पद खाली रहने पर होगी अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति

विभाग की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि कॉलेजों में नियमित पदों के विरुद्ध यदि न्यूनतम योग्यता पूरी करने वाले आवेदक मिल जाते हैं, तभी अतिथि व्याख्याता, अतिथि ग्रंथपाल और अतिथि क्रीड़ा अधिकारी की व्यवस्था की जाएगी। यदि इस स्तर के आवेदक नहीं मिलते हैं, तो शिक्षण सहायक, ग्रंथालय सहायक और क्रीड़ा सहायक के पदों पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी ताकि छात्रों की पढ़ाई और गतिविधियां किसी भी सूरत में न रुकें।

अनुभव प्रमाण पत्र के लिए पांच महीने पढ़ाना अनिवार्य

अतिथियों के कार्यकाल और अनुभव को लेकर भी स्पष्ट नियम तय कर दिए गए हैं। नए नियमों के मुताबिक किसी भी शिक्षक या सहायक को एक शैक्षणिक सत्र के दौरान कम से कम पांच महीने तक लगातार अध्यापन कार्य करवाना होगा। इसके बाद ही उन्हें आधिकारिक तौर पर अनुभव प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा, जिसका लाभ उन्हें भविष्य की अन्य भर्तियों या आगे के सत्रों में मिल सकेगा।

पीजी में इतने प्रतिशत अंक होने पर ही मिलेगी पात्रता

अतिथि व्याख्याता, ग्रंथपाल और क्रीड़ा अधिकारी के पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के तय मानकों के अनुसार ही होगी। वहीं दूसरी तरफ अतिथि शिक्षण सहायक, ग्रंथालय सहायक और क्रीड़ा सहायक के लिए आवेदक के पास स्नातकोत्तर यानी पीजी स्तर पर कम से कम 55 प्रतिशत अंक होने जरूरी हैं। हालांकि आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए इस सीमा में छूट देते हुए न्यूनतम अंक 50 प्रतिशत रखे गए हैं।

Also Read: CG Assistant Professor Bharti 2026: छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए खुशखबरी: कॉलेजों में 700 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती को मंजूरी, उच्च शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button