Government Employees Leave Cancelled: कलेक्टर ने रद्द की सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां, हाई अलर्ट पर प्रशासन

Government Employees Leave Cancelled: मौसम विभाग की ओर से जारी भारी बारिश की चेतावनी के बाद बिलासपुर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। आगामी 48 से 72 घंटों के भीतर जिले में मूसलाधार बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और तेज आंधी की आशंका जताई गई है। संभावित खतरों और बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत सख्त आदेश जारी किए हैं। इसके तहत जिले के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

सरकारी अमले की छुट्टियां रद्द और मुख्यालय में रहने के निर्देश

कलेक्टर ने आपातकालीन स्थिति को देखते हुए जिले के सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। आदेश के मुताबिक, जो कर्मचारी पहले से छुट्टी पर हैं, उन्हें भी तुरंत काम पर लौटने के निर्देश दिए जा सकते हैं। किसी भी अधिकारी को बिना अनुमति के मुख्यालय छोड़ने की इजाजत नहीं होगी। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि कोई संकट की स्थिति बनती है, तो राहत और बचाव कार्य में किसी भी तरह की देरी न हो।

जिले के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का फैसला

बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने 18 जुलाई को जिले के सभी शासकीय, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है। कक्षा पहली से लेकर बारहवीं तक के बच्चों के लिए नियमित कक्षाएं पूरी तरह स्थगित रहेंगी। इसके साथ ही बच्चों के लिए संचालित होने वाले सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी अवकाश घोषित किया गया है। भारी बारिश के दौरान बच्चों को घरों से बाहर न निकलने देने की सलाह दी गई है।

शिक्षकों और संस्था प्रमुखों को स्कूल में रहने के आदेश

भले ही विद्यार्थियों के लिए स्कूल बंद रहेंगे, लेकिन स्कूल के प्राचार्यों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण स्टाफ को ड्यूटी पर उपस्थित रहना होगा। इस दौरान उन्हें स्कूल के भवनों की सुरक्षा जांचनी होगी और महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों व अभिलेखों को सुरक्षित स्थानों पर रखना होगा। प्रशासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि यदि निचले इलाकों में पानी भरता है, तो इन स्कूली भवनों का उपयोग अस्थायी राहत शिविरों और शेल्टर होम के रूप में किया जा सकता है।

जिला और ब्लॉक स्तर पर कंट्रोल रूम हुए सक्रिय

संभावित आपदा की निगरानी के लिए बिलासपुर जिला मुख्यालय समेत सभी विकासखंड (ब्लॉक) स्तर पर 24 घंटे चलने वाले आपातकालीन कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे जिले के प्रमुख बांधों और जलाशयों के जलस्तर पर लगातार नजर रखें। पानी का दबाव बढ़ने पर सुरक्षात्मक कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा नदी के किनारे बसे गांवों और निचले रिहायशी इलाकों में कोटवारों के जरिए मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है।

निचले और संवेदनशील इलाकों के लिए खास गाइडलाइन

प्रशासन ने जलभराव की आशंका वाले संवेदनशील क्षेत्रों के लिए विशेष टीमों का गठन किया है। स्थानीय नगर निगम और आपदा प्रबंधन की टीमों को मुस्तैद रहने को कहा गया है ताकि जलजमाव की स्थिति में पानी की निकासी तुरंत की जा सके। आम जनता से भी अपील की गई है कि वे उफनते हुए नदी-नालों के पास जाने से बचें और बिजली कड़कने के दौरान पक्के मकानों के भीतर ही शरण लें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय कंट्रोल रूम को सूचना देने की बात कही गई है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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