कुरुद के भालूझूलन औद्योगिक पार्क देगा हजारों रोजगार, अब नौकरी के लिए शहर नहीं जाना पड़ेगा, 5 वर्षों में बदलेगी गांव की सूरत

छत्तीसगढ़ का कुरुद विधानसभा अब सिर्फ धान की बालियों से नहीं, बल्कि बहुआयामी उद्योगों की नई गूंज से भी पहचाना जाएगा। कुरुद के भालूझूलन में प्रस्तावित नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए बुनियादी ढांचा विकास कार्यों का विधिवत भूमिपूजन संपन्न हुआ और यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक भविष्य की नींव रखने का ऐतिहासिक क्षण है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक अजय चंद्राकर रहे, जबकि अध्यक्षता राजीव अग्रवाल, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) ने की।

इस औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना का उद्देश्य कुरुद की अर्थव्यवस्था को बहुआयामी बनाना है। लंबे समय से जिस संगठित इंडस्ट्रियल हब की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, वह अब हकीकत का रूप ले रही है। यह परियोजना गांव के शिक्षित युवाओं को रोजगार के लिए पलायन से रोककर स्थानीय स्तर पर अवसर उपलब्ध कराएगी। साथ ही महिलाओं को सहायक उद्योगों, सूक्ष्म उद्यमों और सेवा-आधारित व्यवसायों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने का मार्ग भी प्रशस्त करेगी। कृषि प्रधान कुरुद अब उद्योग और रोजगार की नई पहचान गढ़ने की ओर बढ़ चुका है, यह भूमिपूजन आने वाले वर्षों में क्षेत्र के विकास, निवेश और आत्मनिर्भरता की मजबूत आधारशिला साबित होगा।

11 हेक्टेयर में विकसित होंगे 39 भूखंड

छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार ने बताया कि भालूझूलन में लगभग 11 हेक्टेयर जमीन पर इस औद्योगिक क्षेत्र को तैयार किया जा रहा है। इसके विकास पर कुल 7.94 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत यहां कुल 39 भूखंड (प्लॉट) निवेशकों के लिए उपलब्ध होंगे। इन छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए सरकार सड़क, बिजली और पानी जैसी तमाम जरूरी सुविधाएं एक ही परिसर में मुहैया कराएगी ताकि उद्यमियों को निवेश के लिए बेहतर माहौल मिल सके।

ITI पास युवाओं के लिए खुलेंगे सुनहरे अवसर, पलायन पर ब्रेक

इस औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना से सबसे बड़ा लाभ क्षेत्र के तकनीकी रूप से प्रशिक्षित गांव के युवाओं को होगा। कुरुद और आसपास के आईटीआई कॉलेजों से पढ़ाई पूरी करने वाले युवाओं को अब नौकरी के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्हें अपनी योग्यता के अनुसार गांव के पास ही उद्योगों में रोजगार मिल सकेगा। स्थानीय स्तर पर कुशल मैनपावर मिलने से उद्योगों को भी फायदा होगा और युवाओं का पलायन भी रुकेगा।

महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा

औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वावलंबन के नए रास्ते खुलेंगे। उद्योगों के आने से कैंटीन, सुरक्षा सेवाओं और अन्य सहायक कार्यों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। पूर्व में भी ग्राम चटौद की पटाखा फैक्ट्री में 200 से अधिक महिलाओं को रोजगार मिलने जैसे सफल उदाहरण सामने आए हैं। भालूझूलन का यह पार्क भी महिलाओं को सेवा क्षेत्र से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मददगार साबित होगा।

Also Read: धमतरी जिले का औद्योगिक सूर्योदय, अब धमतरी सिर्फ अन्नदाता नहीं, उद्यमदाता भी बनेगा

स्टार्टअप्स और को-वर्किंग स्पेस पर कलेक्टर का जोर

धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा का लक्ष्य जिले को एक औद्योगिक हब के रूप में विकसित करना है। इसी कड़ी में पिछले साल गंगरेल में स्टार्टअप वीकेंड का आयोजन किया गया था जिसमें दर्जनों निवेशकों और नए उद्यमियों ने हिस्सा लिया था। शहर और गांव के बीच के अंतर को खत्म करने के लिए जिले में तीन स्थानों पर को-वर्किंग स्पेस का निर्माण भी कराया जा रहा है। इन प्रयासों से नए विचारों और व्यवसायों को एक सही मंच मिल रहा है जिससे जिले में निवेश की नई संभावनाएं पैदा हो रही हैं।

विधायक अजय चंद्राकर की दूरदर्शी विकास नीति

कुरुद विधायक अजय चंद्राकर की औद्योगिक विकास की प्रतिबद्धता का ही परिणाम है कि बगौद फूड पार्क जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए सैकड़ों ग्रामीणों को उनके गांव में ही काम मिल रहा है। वहां युवाओं को प्रशिक्षण देकर विभिन्न औद्योगिक पार्कों में तैनात किया जा रहा है और स्थानीय स्तर पर खाद्य पदार्थों का निर्माण कर बाजार तक पहुंचाया जा रहा है। भालूझूलन में बनने वाला यह नया औद्योगिक पार्क अगले 5 वर्षों में गांव की तस्वीर बदल देगा और हर हाथ को काम मिलने का सपना पूरा होगा।

Also Read: PM ShramYogi Maandhan: श्रमिकों को बुढ़ापे का सहारा: हर महीने मिलेगी 3000 रुपये पेंशन, 15 मार्च तक कराएं प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में पंजीयन

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button