Amit Shah Bastar Speech: मुरिया दरबार में अमित शाह ने नक्सलियों को दी चेतावनी, कहा “2031 तक बस्तर के हर गांव में…

Amit Shah Bastar Speech: छत्तीसगढ़ के बस्तर में आयोजित मुरिया दरबार और स्वदेशी मेले में पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे पर हैं। उन्होंने बस्तर के विकास, नक्सल उन्मूलन और जनकल्याण से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं कीं। भारी बारिश के बावजूद जगदलपुर पहुंचकर शाह ने मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना की और बस्तर की जनता को भरोसा दिलाया कि 2031 तक हर गांव सर्वसुविधायुक्त बनाया जाएगा।

मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा, मुरिया दरबार में की शिरकत

अमित शाह शनिवार को जगदलपुर पहुंचे, जहां उन्होंने मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश और देश की खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने सिरहसार भवन पहुंचकर पारंपरिक मुरिया दरबार में हिस्सा लिया और मांझी-चालाकी परिषद के सदस्यों से मुलाकात की। शाह ने बस्तर के इस अनोखे पारंपरिक आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि “मुरिया दरबार बस्तर की आत्मा और संस्कृति का प्रतीक है।”

2031 तक बस्तर का हर गांव बनेगा सर्वसुविधायुक्त

अपने संबोधन में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि 2031 तक बस्तर का हर गांव बिजली, पानी, सड़क, बैंकिंग और संचार सुविधाओं से जुड़ जाए। उन्होंने कहा कि “हर घर तक बिजली और पीने का पानी पहुंचेगा, हर गांव में स्वास्थ्य केंद्र बनेगा और मुफ्त राशन योजना जारी रहेगी।”

शाह ने यह भी कहा कि “2031 तक बस्तर के हर गांव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जोड़ा जाएगा, ताकि किसी को इलाज के लिए दूर न जाना पड़े।”

नक्सल मुक्त गांवों को मिलेगा 1 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन

गृह मंत्री ने घोषणा की कि “जो गांव नक्सल मुक्त घोषित होंगे, उन्हें केंद्र सरकार की ओर से 1 करोड़ रुपये का विकास फंड दिया जाएगा।” उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सल हिंसा अब समाप्ति के कगार पर है, और केंद्र का लक्ष्य है कि 31 मार्च 2026 तक पूरा भारत नक्सलवाद से मुक्त हो जाए।

शाह ने स्पष्ट कहा – “बातचीत तभी संभव है जब नक्सली हिंसा छोड़ दें। जो लोग शांति भंग करेंगे, उन्हें सुरक्षा बल मिलकर जवाब देंगे।”

देखिये वीडियो-

युवाओं से अपील “हिंसा नहीं, शिक्षा और विकास में है भविष्य”

अमित शाह ने बस्तर के युवाओं से कहा कि “बंदूक से किसी का भला नहीं होता।” उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को नक्सलवादियों के बहकावे में नहीं आना चाहिए। देश और बस्तर का भविष्य शिक्षा, विकास और शांति में है। उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी का सपना है कि बस्तर न केवल नक्सल मुक्त हो, बल्कि विकास और स्वदेशी गौरव का केंद्र बने।”

स्वदेशी उत्पादों के उपयोग का आह्वान

स्वदेशी मेले में गृह मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार कर स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि “अगर 140 करोड़ भारतीय ‘वोकल फॉर लोकल’ सोच अपनाएं, तो भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता।”

शाह ने व्यापारियों और युवाओं से आग्रह किया कि वे बस्तर के स्वदेशी उत्पादों जैसे हस्तशिल्प, लघु वनोपज और स्थानीय वस्त्रों को अपनाएं और उन्हें विश्व मंच तक पहुंचाएं।

“मुरिया दरबार” की परंपरा से प्रभावित हुए शाह

अमित शाह ने कहा कि “मुरिया दरबार जैसी परंपरा बस्तर की सांस्कृतिक विरासत का गौरव है। मैं दिल्ली जाकर सबको बताऊंगा कि बस्तर की संस्कृति विश्व धरोहर के रूप में मान्यता पाने योग्य है।”

उन्होंने कहा कि बस्तर की विविधता और परंपरा भारत की एकता और सामूहिकता का प्रतीक है। गृह मंत्री ने स्थानीय मांझी, चालाकी और परगना प्रमुखों से भी मुलाकात की और उनके सुझाव सुने।

“नक्सलवाद रहा विकास की सबसे बड़ी बाधा”

अमित शाह ने कहा कि बस्तर का सबसे बड़ा विकासरोध नक्सलवाद रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के हर कोने में सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंची हैं, लेकिन नक्सल हिंसा के कारण बस्तर पिछड़ गया।

शाह ने कहा कि “अब समय है बस्तर को शांति, समृद्धि और सम्मान के मार्ग पर ले जाने का। नक्सलियों को आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटना चाहिए।”

“2026 तक बस्तर नक्सल मुक्त विकास रोकने वाला कोई नहीं”

अपने भाषण के अंत में शाह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर 2026 तक बस्तर को पूरी तरह नक्सल मुक्त बना देंगी। उन्होंने कहा कि “31 मार्च 2026 तक भारत नक्सलवाद से मुक्त होगा, और बस्तर विकास का नया अध्याय लिखेगा।”

उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में बस्तर में सड़कें, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में बड़े बदलाव दिखेंगे। “अब बस्तर का भविष्य शांति, शिक्षा और विकास में है न कि हिंसा और डर में।”

Also Read: Video: पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर को पुलिस ने किया नजरबंद: अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने की तैयारी, कोरबा कलेक्टर को हटाने पर अड़े

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button