
धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम बगदेही में रविवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। एक ऑटो चालक की लापरवाही के चलते बुजुर्गों और बच्चों से भरा वाहन अनियंत्रित होकर सीधे गहरे कुएं में जा गिरा। ऑटो में 3 से 4 साल के मासूम बच्चों समेत कुल 7 लोग सवार थे। चीख-पुकार मचते ही स्थानीय सरपंच पति जयंत कुमार ध्रुव ने अपनी जान की परवाह किए बिना गहरे पानी में छलांग लगा दी। उन्होंने एक-एक कर सभी डूबते हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और एक बड़े मातम को टलने से रोक दिया।
अदम्य साहस के लिए कलेक्ट्रेट में सम्मान
जयंत ध्रुव के इस अदम्य साहस और मानवता की मिसाल पेश करने वाले कार्य की गूंज जिला प्रशासन तक पहुंची। आज कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जयंत ध्रुव को विशेष रूप से आमंत्रित कर उनका सम्मान किया। कलेक्टर ने उनके जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में जयंत ने जिस तत्परता और निडरता का परिचय दिया, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है। सम्मान समारोह के दौरान कलेक्ट्रेट के अधिकारी और कर्मचारी भी जयंत के साहस के कायल नजर आए।
मानवता की मिसाल बना बगदेही का वाकया
इस हादसे में अगर जयंत ध्रुव सही समय पर फैसला नहीं लेते, तो गहरे पानी में मासूमों को बचाना नामुमकिन हो जाता। ग्रामीणों का कहना है कि जिस वक्त ऑटो कुएं में गिरा, वहां अफरा-तफरी का माहौल था, लेकिन जयंत ने बिना डरे कुएं में कूदकर अपनी जिम्मेदारी निभाई। जयंत के इस कार्य की चर्चा अब पूरे जिले में हो रही है। लोग उन्हें बगदेही का असली हीरो मान रहे हैं, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर सात परिवारों के चिराग और बुजुर्गों को नई जिंदगी दी है।



