
Jantar Mantar CJP Protest: देश की राष्ट्रीय परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों और पेपर लीक विवाद की गूंज अब दिल्ली के जंतर-मंतर पर और तेज हो गई है। इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन में अब छत्तीसगढ़ की क्षेत्रीय पार्टी ‘जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे)’ ने भी अपनी एंट्री मार ली है। पार्टी के प्रमुख अमित जोगी खुद दिल्ली पहुंचकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के छात्र आंदोलन के समर्थन में खड़े हो गए हैं। जोगी ने साफ लफ्जों में कहा कि करोड़ों छात्रों के भविष्य और देश की समूची शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार की जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है। इसी मांग को लेकर विपक्षी दल लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े हुए हैं।
बदलते राजनीतिक परिदृश्य पर बोले जोगी, दलों के सामने अस्तित्व बचाने की बड़ी चुनौती
जंतर-मंतर पर मीडिया और कार्यकर्ताओं से चर्चा करते हुए जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष अमित जोगी ने देश के मौजूदा सियासी हालात पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने स्वीकार किया कि वे वैचारिक रूप से हमेशा कांग्रेस की सोच के करीब रहे हैं, लेकिन आज के दौर में केवल किसी एक विचारधारा से जुड़े रहना ही काफी नहीं है। अमित जोगी के मुताबिक बदलते हुए राजनीतिक परिदृश्य में क्षेत्रीय दलों के सामने अपना अस्तित्व बनाए रखने की एक बहुत बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। इस कठिन दौर में खुद को स्थापित रखने के लिए लगातार संघर्ष करना और जनता के मुद्दों पर जमीन पर सक्रिय रहना ही एकमात्र रास्ता बचा है।
छत्तीसगढ़ी संस्कृति से जोड़ा आंदोलन का नाम, ‘झेंगुरा’ पहचान के साथ प्रदर्शन में हुए शामिल
अमित जोगी ने दिल्ली के इस मंच से छत्तीसगढ़ की माटी और वहां की स्थानीय संस्कृति का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ी बोली में कॉकरोच को ‘झेंगुरा’ कहा जाता है। उन्होंने कहा कि वे और उनकी पूरी पार्टी इस राष्ट्रीय आंदोलन में अपनी इसी छत्तीसगढ़ी पहचान यानी ‘झेंगुरा’ के प्रतीक के साथ शामिल होने आए हैं। जोगी ने इसे केवल एक कीट न मानकर विपरीत परिस्थितियों में भी जिंदा रहने, निरंतर संघर्ष करने और जीवटता बनाए रखने का एक बड़ा प्रतीक करार दिया।
फिलहाल केवल छात्र हितों पर रहेगा मुद्दा-आधारित सहयोग, भविष्य के गठजोड़ पर भी रखी अपनी राय
पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इस बात को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि कॉकरोच जनता पार्टी के साथ उनका यह तालमेल फिलहाल केवल छात्र हितों और परीक्षा प्रणाली में सुधार जैसे मुख्य मुद्दों तक ही सीमित है। हालांकि, अमित जोगी ने भविष्य की रणनीतियों को लेकर एक बड़ा संकेत भी दे दिया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश और प्रदेश के जनहित से जुड़े अन्य गंभीर विषयों पर समान विचारधारा रखने वाले सामाजिक संगठनों और क्षेत्रीय समूहों के साथ मिलकर काम करने की संभावनाओं को पूरी तरह से खारिज नहीं किया जा सकता है।
देश के युवाओं के बीच बढ़ रही है तीसरे राजनीतिक विकल्प की मांग, आंदोलनों से सुधरेगी व्यवस्था
अमित जोगी का मानना है कि आज देश का युवा वर्ग पारंपरिक और बड़े राजनीतिक दलों की कार्यशैली से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। यही कारण है कि युवाओं के बीच एक नए, ईमानदार और प्रभावी तीसरे राजनीतिक मंच की मांग लगातार महसूस की जा रही है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर होने वाले इस तरह के गैर-राजनीतिक जन आंदोलन ही बड़े दलों को जनता की वास्तविक उम्मीदों और जमीनी हकीकत का अहसास कराते हैं। ये आंदोलन नेताओं को आत्मविश्लेषण करने के लिए विवश करते हैं, जिससे अंततः हमारा लोकतंत्र और अधिक मजबूत होता है।
परीक्षाओं की शुचिता बहाल करने की मांग तेज, देश भर के छात्र संगठनों का जंतर-मंतर पर जमावड़ा
नीट परीक्षा के बाद से ही देश भर के छात्रों में भारी असंतोष व्याप्त है, जिसके कारण जंतर-मंतर पर विभिन्न राज्यों के छात्र संगठनों का जमावड़ा लगा हुआ है। अमित जोगी ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वे छात्रों की जायज मांगों को नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत एक निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन करें। जब तक परीक्षाओं के आयोजन को लेकर कड़े कानून नहीं बनाए जाएंगे और दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलेगी, तब तक युवाओं का प्रशासनिक व्यवस्था पर भरोसा लौट पाना नामुमकिन होगा।



