
CG Sub-Inspector Transfer List: छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से एक बार फिर बड़ा फेरबदल किया गया है। पुलिस मुख्यालय ने राज्य भर में कार्यरत 43 उप निरीक्षकों (सब-इंस्पेक्टर) के तबादले का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। लंबे समय से एक ही जिले में सेवाएं दे रहे अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपते हुए दूसरे जिलों में भेजा गया है। इस फेरबदल के पीछे बस्तर और सरगुजा संभाग समेत पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था को अधिक मजबूत करना मुख्य वजह माना जा रहा है।
बस्तर और सरगुजा से लेकर मैदानी जिलों तक बदली जिम्मेदारियां
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी सूची के अनुसार बस्तर, सरगुजा, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा, कांकेर, कोरिया, बलरामपुर, राजनांदगांव और जांजगीर-चांपा जिलों में पदस्थ अधिकारियों के प्रभार बदले गए हैं। एक ही स्थान पर लंबे समय से कार्यरत उप निरीक्षकों का स्थानांतरण कर विभाग ने प्रशासनिक संतुलन बनाने का प्रयास किया है। इस फेरबदल से मैदानी स्तर पर मैदानी पुलिसिंग को नई गति मिलने की उम्मीद है।

प्रशासनिक कसावट के उद्देश्य से की गई नई पदस्थापना
प्रदेश के पुलिस महकमे में हाल के दिनों में यह दूसरा बड़ा प्रशासनिक बदलाव है। इससे पहले भी विभिन्न स्तर के अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई थी। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि अधिकारियों के नियमित तबादलों से विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आती है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध नियंत्रण के लिए आने वाले समय में कुछ और प्रशासनिक फैसले लिए जाने की संभावना जताई जा रही है।

डीजीपी अरुण देव गौतम के निर्देश पर जारी हुई सूची
यह स्थानांतरण आदेश पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी किया गया है। आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि स्थानांतरित किए गए सभी उप निरीक्षकों को बिना किसी विलंब के अपने वर्तमान जिले से कार्यमुक्त होकर नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार संभालना होगा। कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

जांच के दायरे में शामिल अफसरों पर नियमानुसार लागू होंगे आदेश
मुख्यालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में यह भी साफ किया गया है कि यदि किसी स्थानांतरित उप निरीक्षक के खिलाफ कोई विभागीय जांच या अदालत में मामला लंबित है, तो उसकी नई पदस्थापना पर संबंधित विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों में प्रशासनिक प्रक्रिया को पूरा करते हुए ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। सभी संबंधित जिला पुलिस अधीक्षकों को इस आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।



