
Korba Police Flight Ticket Case: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। कटघोरा थाने की एक पुलिस टीम पर आरोप लगा है कि उन्होंने 55 करोड़ रुपए की ठगी के आरोपी को पकड़ने के लिए पीड़ित से ही अपने आने-जाने की फ्लाइट टिकटें बुक करवा लीं। इस मामले में टीआई समेत 8 पुलिसकर्मियों ने दिल्ली की हवाई यात्रा की थी। उच्च अधिकारियों को जब विभागीय नियमों के उल्लंघन और बिना अनुमति यात्रा की जानकारी मिली, तो बिलासपुर रेंज आईजी ने मामले में संज्ञान लेते हुए पूरी टीम को सस्पेंड कर दिया है।
बिना आधिकारिक अनुमति के दिल्ली उड़ गए पुलिसकर्मी, आईजी ने की सख्त कार्रवाई
Katghora Police Station Action: कटघोरा पुलिस की 8 सदस्यीय टीम 55 करोड़ रुपए के कथित फ्रॉड मामले की जांच के सिलसिले में दिल्ली गई थी। यात्रा के लिए रेल या सड़क मार्ग का चुनाव करने के बजाय पूरी टीम हवाई जहाज से रवाना हुई। आरोप है कि इस पूरी यात्रा और जांच अभियान की कोई आधिकारिक जानकारी अपने उच्च अधिकारियों को नहीं दी गई थी। बिलासपुर रेंज के आईजी ने प्रक्रियागत नियमों का उल्लंघन करने पर कटघोरा थाना प्रभारी निरीक्षक मोती पटेल समेत पूरी टीम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
सस्पेंड होने वालों में टीआई से लेकर आरक्षक तक शामिल, कोरबा एसपी ने दिए जांच के आदेश
Bilaspur IG Suspends 8 Police Officers: कार्रवाई के दायरे में आए पुलिसकर्मियों में थाना प्रभारी निरीक्षक मोती पटेल, उप निरीक्षक राम पाण्डेय, प्रधान आरक्षक गुनाराम सिन्हा, गोपाल यादव, राजेश कंवर और आरक्षक प्रदीप राठौर, सुशील यादव तथा प्रशांत सिंह शामिल हैं। कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि उच्च अधिकारियों की अनुमति के बिना हवाई यात्रा करने और अन्य विभागीय अनियमतताओं को लेकर यह दंडात्मक कदम उठाया गया है। पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।

50 करोड़ रुपए के निवेश और जेसीबी डीलरशिप विवाद से जुड़ा है पूरा मामला
जिस मामले की जांच करने पुलिस टीम दिल्ली पहुंची थी, वह कृष्णा ऑटो राइडर्स प्राइवेट लिमिटेड और जेडसीबी इंडिया (JCB India) के बीच चल रहे डीलरशिप विवाद से संबंधित है। कंपनी का आरोप है कि डीलरशिप अचानक समाप्त किए जाने से उसे भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है। कंपनी ने इस कारोबार में लगभग 50 करोड़ रुपए का निवेश किया था। इस विवाद को लेकर कटघोरा थाने में न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।
दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुंचा था विवाद, पूर्व न्यायाधीश को बनाया गया था मध्यस्थ
दोनों पक्षों के बीच चल रहा यह कारोबारी विवाद दिल्ली हाईकोर्ट भी पहुंच चुका है। मई 2026 में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की आपसी सहमति से सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस परमोद कोहली को एकमात्र मध्यस्थ नियुक्त किया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि विवाद में डीलरशिप न बढ़ाए जाने और समझौतों की वैधता से जुड़े बिंदुओं का निपटारा मध्यस्थता के जरिए होगा। अदालत ने उस वक्त किसी भी पक्ष के दावों के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की थी।
फरियादी के खर्च पर यात्रा करने की चर्चाओं से महकमे में मची खलबली
आरोपी की तलाश में दिल्ली पहुंची पुलिस टीम द्वारा पीड़ित गौरव मोदी से टिकट करवाने की बात सामने आने के बाद राज्य के पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। विभागीय नियमों के अनुसार किसी भी जांच के लिए बाहर जाने से पहले प्रशासनिक स्वीकृति और बजट आवंटन की प्रक्रिया होती है। किसी प्रार्थी या पीड़ित के खर्च पर शासकीय कार्य निष्पादित करना गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है। इसी वजह से बिलासपुर आईजी ने कठोर रुख अपनाते हुए सख्त संदेश दिया है।
जांच जारी, अन्य प्रशासनिक पहलुओं की भी हो रही है गहन पड़ताल
एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि मामले के हर पहलू को खंगाला जा रहा है। पुलिस टीम ने दिल्ली जाकर क्या-क्या वैधानिक प्रक्रियाएं अपनाईं, किन परिस्थितियों में फ्लाइट से जाने का फैसला लिया गया और खर्च का भुगतान किस माध्यम से हुआ, इन सभी बातों की तथ्यात्मक जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि विभागीय नियमों का कितना उल्लंघन हुआ है और इसमें शामिल अधिकारियों पर आगे क्या कानूनी या प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे।



