
Dhamtari Changai Sabha: छत्तीसगढ़ के धमतरी शहर स्थित रिसाई पारा क्षेत्र में एक मकान के भीतर आयोजित चंगाई सभा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों को जब इस गुप्त आयोजन की भनक लगी, तो वे भारी संख्या में मौके पर पहुंच गए और विरोध जताना शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि गंभीर बीमारियों और पारिवारिक समस्याओं से राहत दिलाने का झांसा देकर लोगों को धर्म बदलने के लिए उकसाया जा रहा था। देखते ही देखते मौके पर भारी तनाव की स्थिति निर्मित हो गई।
केरल से युवतियों को बुलाकर सभा कराने का गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रहे संगठनों ने दावा किया है कि इस प्रकार के आयोजनों को संचालित करने के लिए विशेष रूप से केरल से युवतियों को धमतरी बुलाया गया था। आरोप है कि ये युवतियां स्थानीय महिलाओं और परिवारों को प्रार्थना सभाओं के जरिए अपनी ओर आकर्षित कर रही थीं। हालांकि, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि बाहरी राज्यों से आई युवतियों की भूमिका और धर्मांतरण की मंशा से जुड़े दावों की पूरी निष्पक्षता से जांच की जा रही है।
हंगामे की खबर मिलते ही पहुंची कोतवाली पुलिस की टीम
रिसाई पारा में जैसे ही दोनों पक्षों के बीच विवाद और नारेबाजी बढ़ी, पड़ोसियों ने इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस स्टेशन को दी। सूचना मिलते ही कोतवाली थाने का पुलिस बल बिना देरी किए मौके पर पहुंच गया। पुलिस कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए स्थिति को बिगड़ने से संभाला और परिसर में मौजूद भीड़ को शांत कराया। इसके बाद अधिकारियों ने आयोजन स्थल को अपने नियंत्रण में लेकर प्रारंभिक पड़ताल शुरू की।
मौके पर मौजूद लोगों से पुलिस ने की अलग-अलग पूछताछ
घटनास्थल पर मौजूद आयोजकों, बाहर से आए संदिग्ध लोगों और सभा में शामिल होने पहुंचे श्रद्धालुओं से पुलिस ने व्यक्तिगत रूप से सवाल-जवाब किए। पुलिस टीम ने यह जानने का प्रयास किया कि यह बैठक किस मकसद से आयोजित की गई थी और क्या इसके लिए प्रशासन से कोई पूर्व अनुमति ली गई थी। इसके साथ ही वहां इस्तेमाल किए जा रहे साहित्य और डिजिटल उपकरणों के संबंध में भी जानकारी जुटाई गई।
आरोपों पर धमतरी पुलिस का रुख और जांच की दिशा
धमतरी पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धर्मांतरण से जुड़े आरोपों की अभी तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि केवल मौखिक बयानों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। मामले की निष्पक्ष जांच चल रही है और सभी तथ्यों तथा पेश किए गए साक्ष्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा रहा है। जांच में जो भी वैधानिक तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शांति व्यवस्था बनाए रखने और सतर्क रहने की अपील
इस पूरे घटनाक्रम के बाद शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की अफवाह से माहौल न बिगड़े। कोतवाली थाना पुलिस ने नागरिकों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को देने की बात कही है। इसके साथ ही आम जनता से अपील की गई है कि बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें साझा न करें और क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द बनाए रखें।
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