
Koliyari School Liquor Bottle Case: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से सरकारी शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है. जिले के कोलियारी गांव में स्थित शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल परिसर पिछले काफी समय से असामाजिक तत्वों की मनमानियों का केंद्र बना हुआ है. इस बदइंतजामी का एक बेहद खौफनाक नतीजा तब देखने को मिला जब स्कूल में पढ़ने वाला एक मासूम बच्चा परिसर में ही बिखरी पड़ी शराब की टूटी बोतल की चपेट में आ गया. कांच धंसने से बच्चा बुरी तरह लहूलुहान हो गया जिसके बाद स्कूल प्रशासन की घोर लापरवाही को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा.
शाम ढलते ही सजती है महफिल, तोड़फोड़ और चोरी की घटनाएं बनीं आम
स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के मुताबिक कोलियारी के इस सरकारी स्कूल परिसर में बीते कई सालों से सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं. इसका फायदा उठाकर असामाजिक तत्व दिन ढलते ही स्कूल के भीतर दाखिल हो जाते हैं और देर रात तक वहां शराबखोरी का दौर चलता है. इन तत्वों द्वारा स्कूल की सरकारी संपत्ति के साथ तोड़फोड़ करने और चोरी की वारदातों को अंजाम देना अब आम बात हो चुकी है. शराबी अपनी खाली बोतलें और डिस्पोजल ग्लास वहीं मैदान में फेंक देते हैं जिससे पूरा कैंपस कचरे के ढेर और कांच के टुकड़ों में तब्दील हो चुका है.
ग्रामीणों का आरोप, शिकायत के बाद भी चुप बैठे रहे स्कूल प्रिंसिपल
घायल बच्चे के परिजनों और गांव के लोगों ने स्कूल प्रबंधन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल कैंपस में बाहरी लोगों के दखल और शराबखोरी की इस समस्या के बारे में संस्था के प्रिंसिपल को कई बार पहले भी अवगत कराया जा चुका था. इसके बावजूद प्रिंसिपल ने सुरक्षा को लेकर न तो पुलिस में कोई शिकायत दर्ज कराई और न ही कैंपस की चहारदीवारी को सुरक्षित करने का प्रयास किया. हादसे के बाद भी स्कूल प्रशासन अपनी गलती मानने या इस पर कोई ठोस सफाई देने के लिए सामने नहीं आ रहा है जिससे अभिभावक बेहद नाराज हैं.

कड़े एक्शन के मूड में जिला प्रशासन, कलेक्टर ने जारी किया शोकॉज नोटिस
मासूम बच्चे के घायल होने और ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश की खबर जब जिला मुख्यालय तक पहुंची, तो प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप मच गया. धमतरी के जिला कलेक्टर ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद संवेदनशील और गंभीर माना है. कलेक्टर ने बच्चों की सुरक्षा में हुई इस बड़ी चूक को लेकर स्कूल के प्रिंसिपल की जवाबदेही तय करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से ‘कारण बताओ नोटिस’ (शोकॉज नोटिस) जारी कर दिया है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर प्रिंसिपल के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को लेकर उठ रहे बड़े सवाल
इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सरकारी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस छिड़ गई है. ग्रामीण अब खुलकर मांग कर रहे हैं कि स्कूल परिसर के आसपास पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए और रात के समय अवैध रूप से प्रवेश करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. अब देखना होगा कि जिला प्रशासन की इस शुरुआती सख्ती के बाद क्या कोलियारी के इस स्कूल का माहौल दोबारा पढ़ाई के लायक सुरक्षित हो पाता है, या फिर अधिकारियों की सुस्ती के कारण आगे भी मासूम बच्चों की सुरक्षा इसी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी जाएगी.



