CG New Excise Policy: छत्तीसगढ़ में शराब नियमों पर बड़ी सख्ती, गड़बड़ी करने वालों पर लगेगा 5 लाख तक का जुर्माना

CG New Excise Policy: नई आबकारी नीति के तहत छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश की आबकारी व्यवस्था को सुधारने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। राज्य में शराब के कारोबार से जुड़े दशकों पुराने नियमों को बदलते हुए अब नए और सख्त प्रावधान लागू कर दिए गए हैं। शासन का मुख्य उद्देश्य शराब की अवैध बिक्री पर लगाम कसना और लाइसेंसिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है। वाणिज्यिक कर आबकारी विभाग ने इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है, जिससे अब पूरे प्रदेश में शराब के व्यापार और उसके संचालन के तौर-तरीके बदल जाएंगे।

गड़बड़ी पड़ी महंगी, 5 लाख रुपये तक के दंड का प्रावधान

नए नियमों के अनुसार अब शराब कारोबार में किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन करने वालों की खैर नहीं होगी। विभाग ने आर्थिक दंड की राशि में भारी बढ़ोतरी की है। अब दोषी पाए जाने पर न्यूनतम 50 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 5 लाख रुपये तक का जुर्माना वसूला जा सकता है। छोटे स्तर की गड़बड़ियों के लिए भी 1 हजार से 10 हजार रुपये तक के अर्थदंड की व्यवस्था की गई है। सरकार ने आबकारी अधिकारियों को जांच के लिए पहले से ज्यादा अधिकार दिए हैं ताकि वे मौके पर ही सख्त कार्रवाई कर सकें।

देशी शराब की सप्लाई में देरी पर कड़ा एक्शन

सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ देशी स्पिरिट नियम 1995’ में विशेष संशोधन किया है। अब देशी शराब दुकानों की ओर से मांग आने पर सप्लाई में होने वाली देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। यदि सप्लाई चेन में बार-बार लेटलतीफी पाई जाती है या जानबूझकर स्टॉक रोका जाता है, तो संबंधित फर्म या इकाई पर 5 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया जाएगा। आबकारी विभाग के विशेष सचिव देवेंद्र सिंह भारद्वाज द्वारा जारी आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि उपभोक्ताओं और दुकानों तक माल पहुंचने में कोई बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अवैध गतिविधियों पर लगाम और नई कार्यप्रणाली

इन नए संशोधनों के जरिए सरकार का इरादा शराब सिंडिकेट और अवैध गतिविधियों को पूरी तरह ध्वस्त करना है। लाइसेंस प्रक्रिया को अब और अधिक कड़ा बना दिया गया है जिससे केवल पात्र लोग ही इस क्षेत्र में काम कर सकें। जानकारों का मानना है कि भारी जुर्माने के डर से शराब की कालाबाजारी और ओवररेटिंग जैसी समस्याओं में कमी आएगी। शासन की इस पहल से न केवल राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद है बल्कि पूरे विभाग की कार्यप्रणाली में भी पहले से अधिक जवाबदेही देखने को मिलेगी।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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