
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के निवासियों के लिए एक अच्छी खबर है। लंबे समय से चली आ रही लो-वोल्टेज की समस्या से उन्हें जल्द ही राहत मिलने वाली है। इसके लिए ग्राम अर्जुनी में एक विशालकाय 132 केवी क्षमता वाले नए पावर स्टेशन का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 24.05 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
चिटौद पावर स्टेशन पर निर्भरता होगी खत्म
वर्तमान में, धमतरी क्षेत्र के कई ग्रामीण इलाकों में बिजली की सप्लाई बालोद जिले में स्थित चिटौद पावर स्टेशन से की जा रही है। अधिक दूरी के कारण अक्सर इन क्षेत्रों को लो-वोल्टेज की समस्या का सामना करना पड़ता है। अर्जुनी में नया पावर स्टेशन शुरू हो जाने के बाद यह निर्भरता समाप्त हो जाएगी, जिससे बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में बड़ा सुधार आएगा।
निर्माण कार्य में आई तेजी
नया पावर स्टेशन शहर से लगभग 5 किलोमीटर दूर ग्राम अर्जुनी में बनाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, निर्माण कार्य जोरों पर है और सिविल वर्क का लगभग 30 से 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। सिविल कार्य पूर्ण होने के बाद हाई-टेंशन तार बिछाने और अन्य तकनीकी काम शुरू किए जाएंगे। इस परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
अप्रैल 2026 तक बिजली आपूर्ति का लक्ष्य
इस महत्वपूर्ण पावर स्टेशन को अप्रैल 2026 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि इसके चालू होते ही उन सभी ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सप्लाई शुरू हो जाएगी, जहाँ लो-वोल्टेज की समस्या सबसे अधिक है। इस कदम से हजारों निवासियों को उनके दैनिक जीवन और कृषि कार्यों में बड़ी राहत मिलेगी।
धमतरी बनेगा बिजली के मामले में आत्मनिर्भर, 30 वर्षों तक नहीं होगी कोई परेशानी
धमतरी में वर्तमान में कुरुद और नगरी में 132 केवी के पावर स्टेशन संचालित हैं, लेकिन धमतरी संभाग में उच्च क्षमता का कोई स्टेशन नहीं था। अर्जुनी में नया पावर स्टेशन बनने से जिले में ऐसे स्टेशनों की संख्या तीन हो जाएगी, जिससे धमतरी बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बन जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इस नए स्टेशन के शुरू होने से धमतरी के लोगों को आगामी 30 वर्षों तक लो-वोल्टेज की समस्या से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।



