
Magarlod Chhipli Encroachment Protest: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में अवैध कब्जा हटाने पहुंचे प्रशासनिक अमले के सामने एक ग्रामीण द्वारा आत्मघाती कदम उठाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. मगरलोड विकासखंड के ग्राम छिपली में जब राजस्व और पुलिस की टीम अतिक्रमण ढहाने की कार्रवाई कर रही थी, तभी पीड़ित परिवार के एक सदस्य ने मौके पर ही जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया. ग्रामीण के जहर खाते ही वहां मौजूद अधिकारी दंग रह गए और आनन-फानन में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है. इस घटना के बाद से पूरे गांव में भारी आक्रोश है और कानून व्यवस्था को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.

छिपली गांव में बेदखली की कार्रवाई के दौरान चम्पा लाल साहू ने उठाया आत्मघाती कदम
यह पूरा वाकया मगरलोड ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम छिपली का है, जहां सरकारी जमीन पर किए गए अवैध निर्माण को हटाने के लिए शनिवार को तहसीलदार और राजस्व विभाग का अमला भारी पुलिस बंदोबस्त के साथ पहुंचा था. जैसे ही जेसीबी ने मकान के हिस्सों को तोड़ना शुरू किया, काबिज परिवार के सदस्य चम्पा लाल साहू ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया. अधिकारियों के न मानने पर चम्पा लाल ने प्रशासनिक टीम के सामने ही जेब से निकालकर जहर खा लिया. छटपटाते हुए जमीन पर गिरते ही मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत पीड़ित को वाहन से अस्पताल रवाना किया.
गांव के रसूखदारों को बचाने और सिर्फ दो गरीब परिवारों को निशाना बनाने का आरोप
इस खौफनाक घटना के बाद पीड़ित परिवार के सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. परिजनों ने मगरलोड तहसील प्रशासन पर सीधे तौर पर द्वेषपूर्ण और एकतरफा कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाया है. ग्रामीणों का कहना है कि छिपली गांव में रसूखदार और रसूख रखने वाले दर्जनों लोगों ने सरकारी जमीनों और रास्तों पर अवैध कब्जे कर रखे हैं, लेकिन उन पर कोई हाथ नहीं डाल रहा है. प्रशासन ने पूरे गांव को छोड़कर केवल दो गरीब परिवारों को निशाना बनाया और उनके आशियाने उजाड़ दिए. ग्रामीणों के मुताबिक, मगरलोड तहसीलदार देवेंद्र भारद्वाज द्वारा बेदखली के बाद मलबे और सामान को भी जबरन हटाने का निर्देश दिया गया, जिससे आहत होकर चम्पा लाल ने यह कदम उठाया.

एसडीएम के निर्देश पर तोड़ने की कार्रवाई रुकी, पुलिस और पंचायत प्रतिनिधि तैनात
गांव के भीतर बढ़ते तनाव और ग्रामीणों के उग्र रुख को देखते हुए मामले की जानकारी तुरंत जिला मुख्यालय भेजी गई. मामले की संवेदनशीलता को भांपते हुए कुरूद एसडीएम नभ सिंह कोसले ने हस्तक्षेप किया और छिपली गांव में चल रही मलबे व सामग्री के स्थानांतरण की कार्रवाई को तत्काल प्रभाव से रोकने के आदेश जारी किए. फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए गांव के मुख्य चौक और घटना स्थल पर स्थानीय पुलिस की टीम व पंचायत प्रतिनिधि मुस्तैद हैं. राजस्व विभाग के आला अधिकारी भी अस्पताल पहुंचकर पीड़ित के स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.



