झीरम घाटी नक्सली हमले में NIA कोर्ट का बड़ा फैसला: कवासी सहित 10 आरोपी दोषी करार, इस दिन होगा सजा का ऐलान

CG Jhiram Ghati Kand: छत्तीसगढ़ के चर्चित और दर्दनाक झीरम घाटी नक्सली हमला मामले में जगदलपुर स्थित विशेष एनआईए अदालत ने अपना महत्वपूर्ण निर्णय सुना दिया है। कोर्ट ने सुनवाई का सामना कर रहे सभी 10 आरोपियों को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया है। मामले में कुल 11 लोगों के खिलाफ अभियोग पत्र दाखिल किया गया था, जिनमें से एक आरोपी की सुनवाई प्रक्रिया के दौरान मृत्यु हो चुकी है। एनआईए अदालत अब आगामी 16 सितंबर को सभी दोषियों के लिए सजा का ऐलान करेगी।

27 लोगों की हत्या और 15 की हत्या के प्रयास में पाए गए दोषी

Jhiram Valley Attack Update: विशेष अदालत ने बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष की दलीलों व साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद फैसला सुनाया। कोर्ट ने सभी 10 आरोपियों को 27 लोगों की हत्या करने और 15 अन्य लोगों की हत्या के प्रयास के अपराध में दोषी सिद्ध पाया है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता अरविंद चौधरी ने निर्णय की पुष्टि करते हुए बताया कि एनआईए अदालत के इस फैसले के खिलाफ वे उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

एनआईए कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए गए 10 आरोपियों के नाम

1) कोसा कवासी उर्फ ​​कोसाराम
2) चैतू लेकाम उर्फ ​​मुन्ना
3) सुमित्रा उर्फ ​​सुमित्रा पुनेम मोडियम
4) जोगा मदकामी
5) प्रमिला मोडियम
6) आयता मरकाम
7) मदकामी देवा
8) मुक्का मांडवी
9) बनजामी सन्ना उर्फ ​​चमरू उर्फ ​​डेंगा
10) महादेव नाग

2013 में चुनावी रैली के दौरान हुआ था भीषण हमला

Jhiram Kand Decision Today:वर्ष 2013 में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी पूरे प्रदेश में परिवर्तन यात्रा निकाल रही थी। 25 मई 2013 को सुकमा में आयोजित रैली समाप्त होने के बाद कांग्रेस नेताओं का काफिला जगदलपुर की ओर लौट रहा था। करीब 25 वाहनों के इस काफिले में प्रदेश कांग्रेस के अग्रिम पंक्ति के नेता और कार्यकर्ता सवार थे। दोपहर लगभग 3:40 बजे जैसे ही यह काफिला दर्भा घाटी के झीरम क्षेत्र में पहुंचा, घात लगाकर बैठे 200 से अधिक नक्सलियों ने मुख्य मार्ग पर पेड़ गिराकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया और अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।

बस्तर में कांग्रेस की शीर्ष नेतृत्व पंक्ति हो गई थी साफ

इस भयावह हमले में तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, उनके पुत्र दिनेश पटेल, बस्तर प्रभारी उदय मुदलियार और वरिष्ठ नेता महेंद्र कर्मा सहित कई दिग्गज नेताओं व सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई थी। नक्सलियों ने सलवा जुडूम आंदोलन का नेतृत्व करने वाले महेंद्र कर्मा को निशाना बनाते हुए उनकी निर्मम हत्या कर दी थी। लगभग डेढ़ घंटे तक चले इस हमले में राज्य ने अपनी अग्रिम पंक्ति की राजनीतिक नेतृत्व टीम को खो दिया था। लंबे इंतजार के बाद अब एनआईए कोर्ट ने इस प्रकरण में आरोपियों को दोषी करार देकर सजा की तिथि नियत कर दी है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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