
रायपुर: शारदीय नवरात्रि के पहले दिन राजधानी रायपुर के लोधीपारा इलाके में माता की प्रतिमा को लेकर विवाद खड़ा हो गया। यह प्रतिमा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ थीम पर आधारित थी। इसमें माता दुर्गा की सवारी शेर को एक बच्ची को बचाते हुए और खुद घायल अवस्था में दिखाया गया था। इसी दृश्य पर स्थानीय लोगों और विश्व हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई।
प्रशासन का हस्तक्षेप
Raipur Statue Controversy: विवाद की सूचना पर थाना पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने आयोजकों को चार घंटे के भीतर प्रतिमा हटाने और दूसरी प्रतिमा स्थापित करने का निर्देश दिया। इस आदेश के बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया।

स्थानीय लोगों का विरोध
स्थानीय लोगों ने प्रशासन के फैसले का विरोध किया। उनका कहना है कि यह प्रतिमा किसी की आस्था को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं लगाई गई थी, बल्कि समाज को बेटी बचाने और पढ़ाने का संदेश देने के लिए बनाई गई थी। आयोजकों ने मांग की है कि प्रतिमा को हटाने से पहले उनकी बात सुनी जाए और इसके उद्देश्य को समझा जाए।
बनी हुई है तनातनी
मामले को लेकर इलाके में पुलिस बल तैनात है। फिलहाल प्रशासन और आयोजकों के बीच बातचीत जारी है। हालांकि लोगों का कहना है कि यह कदम जल्दबाजी में उठाया गया है और प्रतिमा का उद्देश्य केवल सामाजिक संदेश देना था।



