
कोरबा: छत्तीसगढ़ के ऊर्जाधानी कोरबा जिले में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की दीपका खदान में एक बड़ा हादसा हो गया है। खदान के भीतर की गई हैवी ब्लास्टिंग के दौरान एक भारी पत्थर उछलकर बस्ती के पास आ गिरा, जिसकी चपेट में आने से 60 वर्षीय बुजुर्ग लखन लाल पटेल की मौके पर ही मौत हो गई। घटना हरदीबाजार थाना क्षेत्र के सुवाभोंडी के पास की है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाका इतना जबरदस्त था कि पत्थर काफी दूर तक हवा में उछल गए और सीधे बुजुर्ग पर जा गिरे। इस दर्दनाक हादसे के बाद रेकी गांव में मातम पसर गया है और ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।

वादे के दो दिन बाद ही टूटी सहमति: बैठक में हुआ था हैवी ब्लास्टिंग न करने का फैसला, ग्रामीणों ने कहा- प्रबंधन ने दिया धोखा
इस घटना ने एसईसीएल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि 5 जनवरी को ही मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय में अधिकारियों और गांव के प्रतिनिधियों के बीच एक अहम बैठक हुई थी। इस बैठक में प्रबंधन ने लिखित भरोसा दिया था कि गांवों की सुरक्षा को देखते हुए हैवी ब्लास्टिंग नहीं की जाएगी। लेकिन इस समझौते के महज दो दिन बाद ही नियमों को ताक पर रखकर भारी धमाका किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर अधिकारियों ने अपनी बात रखी होती, तो आज एक मासूम जान नहीं जाती।

घरों में दरारें और कुएं सूखे: ब्लास्टिंग से तबाह हो रहा है गांवों का ढांचा, जनप्रतिनिधियों ने जताई नाराजगी
दीपका खदान के आसपास बसे गांवों में रहने वाले लोग लंबे समय से ब्लास्टिंग के दुष्प्रभाव झेल रहे हैं। स्थानीय सरपंच लोकेश्वर कंवर और पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल ने बताया कि हैवी ब्लास्टिंग की वजह से कई घरों की दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं और कुछ मकानों के छज्जे गिर रहे हैं। यही नहीं, धमाकों के कंपन से जमीन का जलस्तर नीचे जा रहा है, जिससे गांव के बोर और कुएं सूखते जा रहे हैं। इन तमाम समस्याओं को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन एसईसीएल प्रशासन की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया।

शव रखकर प्रदर्शन और भारी पुलिस बल: मुआवजे और नौकरी की मांग पर अड़े परिजन, छावनी में तब्दील हुई खदान
हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने शव को वाहन में रखकर घटनास्थल पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उनकी स्पष्ट मांग है कि पीड़ित परिवार को तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए और घर के एक सदस्य को एसईसीएल में स्थाई नौकरी मिले। हालात को बिगड़ते देख मौके पर पाली एसडीएम सहित हरदीबाजार और कुसमुंडा थाना प्रभारी पहुंच गए हैं। सुरक्षा के लिहाज से भारी संख्या में पुलिस बल और सीआईएसएफ (CISF) के जवानों को तैनात किया गया है। प्रशासन लगातार ग्रामीणों को समझाने और मुआवजे पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इलाके में फिलहाल तनाव की स्थिति बनी हुई है।



