Telegram Ban: टेलीग्राम पर मोदी सरकार ने लगाया बैन! छत्तीसगढ़ के लाखों यूजर्स में मची खलबली, जानें पूरी वजह

Telegram Ban News: देशभर में आयोजित होने वाली सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी (NEET-UG 2026) की सुचिता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने एक बेहद चौंकाने वाला कदम उठाया है. सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम (Telegram) की सेवाओं पर आगामी 22 जून तक के लिए अस्थाई रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है. सरकार के इस बड़े फैसले के बाद छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश के युवाओं और प्रतियोगी छात्रों के बीच हलचल तेज हो गई है. राज्य के हजारों छात्र जो परीक्षा की तैयारी, स्टडी नोट्स और जरूरी अपडेट्स के लिए टेलीग्राम के ग्रुप्स और चैनलों पर निर्भर थे, वे अब असमंजस में हैं. प्रशासन का कहना है कि यह कदम परीक्षा से पहले किसी भी तरह की गड़बड़ी और अफवाहों को रोकने के लिए उठाया गया है.

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पेपर लीक और फर्जी प्रश्नपत्रों के सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की बड़ी कार्रवाई

पिछले कुछ समय से बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और डिजिटल माध्यमों से होने वाली धोखाधड़ी की घटनाओं ने सरकार की चिंता बढ़ा दी थी. इस बार परीक्षा के आयोजन में पूरी पारदर्शिता बरतने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने केंद्र सरकार से एक विशेष सुरक्षा घेरा तैयार करने की सिफारिश की थी. इसी आधार पर केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सख्त कदम उठाते हुए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 69A के तहत टेलीग्राम के संचालन को 22 जून तक रोकने का आदेश जारी किया, ताकि कोई भी असामाजिक तत्व डिजिटल नेटवर्क का गलत इस्तेमाल न कर सके.

छत्तीसगढ़ के कोचिंग हब रायपुर और बिलासपुर के छात्र परेशान, स्टडी ग्रुप्स और पीडीएफ चैनल्स हुए ठप

छत्तीसगढ़ में रायपुर, बिलासपुर और भिलाई जैसे बड़े शहरों को प्रतियोगी परीक्षाओं का मुख्य केंद्र माना जाता है. यहाँ रहकर नीट की तैयारी करने वाले छात्र आपस में नोट्स शेयर करने, कोचिंग के महत्वपूर्ण प्रश्नपत्रों की पीडीएफ (PDF) डाउनलोड करने और डेली अपडेट्स के लिए टेलीग्राम का सबसे ज्यादा उपयोग करते हैं. इस रोक के बाद से अचानक सभी प्रमुख स्टडी चैनल्स और ग्रुप्स ब्लॉक हो गए हैं. अचानक आए इस तकनीकी व्यवधान के बाद छात्रों के बीच अपनी पढ़ाई के बैकअप को लेकर थोड़ी चिंता जरूर देखी जा रही है, हालांकि विभाग ने साफ किया है कि यह पाबंदी सीमित समय के लिए है.

मैसेज एडिट फीचर का हो रहा था गलत इस्तेमाल, भ्रामक स्क्रीनशॉट पर लगाम लगाने की कोशिश

जांच एजेंसियों के मुताबिक, टेलीग्राम का ‘मैसेज एडिट’ और ‘फॉरवर्ड’ फीचर अपराधियों और अफवाह फैलाने वालों के लिए एक बड़ा हथियार बन गया था. कई मामलों में देखा गया कि लोग पुराना मैसेज लिखकर उसे परीक्षा के दिन बदल देते थे और पेपर लीक होने का झूठा दावा कर सोशल मीडिया पर फर्जी स्क्रीनशॉट वायरल कर देते थे. इससे न केवल छात्रों के बीच घबराहट पैदा होती थी, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली पर भी सवाल उठने लगते थे. इस भ्रम को जड़ से खत्म करने के लिए ही सरकार ने इस बार परीक्षा के ठीक पहले टेलीग्राम को ऑफलाइन मोड पर डालने का निर्णय लिया है.

सोशल मीडिया के झांसे में न आएं परीक्षार्थी, साइबर ठगों के नेटवर्क से सावधान रहने की हिदायत

इस बीच साइबर सुरक्षा से जुड़ी सरकारी एजेंसियों ने छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए एक जरूरी गाइडलाइन भी जारी की है. अधिकारियों ने सचेत किया है कि परीक्षा के अंतिम दिनों में कुछ गिरोह सक्रिय हो जाते हैं जो सोशल मीडिया पर असली प्रश्नपत्र देने के नाम पर लाखों रुपये की डिमांड करते हैं. एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि इंटरनेट पर वायरल होने वाले ऐसे सभी दावे पूरी तरह फर्जी और धोखाधड़ी का हिस्सा होते हैं. छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपनी मेहनत पर भरोसा रखें और किसी भी अज्ञात व्यक्ति को पैसों का लेन-देन न करें.

संदिग्ध गतिविधि या पैसे की मांग होने पर तुरंत डायल करें 1930, राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर मिलेगी मदद

अगर किसी छात्र या पालक के पास कोई संदिग्ध कॉल आता है या टेलीग्राम बैन होने के बाद भी किसी अन्य माध्यम से परीक्षा के पेपर एडवांस में देने का प्रलोभन दिया जाता है, तो उसे तुरंत रिपोर्ट करने को कहा गया है. सरकार ने इसके लिए राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 जारी किया हुआ है. इस नंबर पर कॉल करके पीड़ित अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिस पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा. पुलिस प्रशासन ने भी राज्य के साइबर थानों को अलर्ट पर रखा है ताकि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी पर नजर रखी जा सके.

तय समय और तय केंद्रों पर ही होगी नीट यूजी परीक्षा, एनटीए ने किया स्थिति को पूरी तरह साफ

टेलीग्राम पर प्रतिबंध की खबर के बाद छात्रों के एक वर्ग में यह चर्चा भी शुरू हो गई थी कि कहीं नीट यूजी की परीक्षा की तारीख तो आगे नहीं बढ़ने वाली है. इस भ्रम को दूर करते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने आधिकारिक तौर पर स्थिति साफ कर दी है. एनटीए के मुताबिक, सोशल मीडिया पर लगी रोक का मुख्य परीक्षा के आयोजन से कोई सीधा संबंध नहीं है. परीक्षा अपने पूर्व निर्धारित टाइम टेबल और शेड्यूल के अनुसार ही आयोजित की जाएगी. एडमिट कार्ड में दिए गए निर्देशों के तहत ही छात्रों को परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना होगा.

केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही करें भरोसा, अफवाहों से दूर रहकर तैयारी पर ध्यान देने की अपील

स्कूल शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ के सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे इस अंतिम समय में अपना पूरा ध्यान केवल पढ़ाई पर केंद्रित करें. किसी भी प्रकार के नए बदलाव, टाइमिंग या परीक्षा से जुड़ी आवश्यक जानकारियों के लिए केवल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट को ही चेक करें. किसी भी अनधिकृत व्हाट्सएप ग्रुप या सोशल मीडिया हैंडल पर चल रही खबरों को सच न मानें. सरकार का उद्देश्य केवल परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराना है, जिससे योग्य छात्रों को उनका सही हक मिल सके.

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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