
Raipur Traffic Rules Violations No Number Plate: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। रायपुर कमिश्नरेट पुलिस की ओर से शहर के अलग-अलग इलाकों में सुबह से ही एक सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई के तहत मुख्य रूप से दोपहिया वाहनों, संदिग्ध रूप से घूम रहे लोगों और गाड़ियों के जरूरी कागजातों की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया था।
शहर के 35 से अधिक प्रमुख चौराहों पर तैनात की गई पुलिस फोर्स
अभियान को असरदार बनाने के लिए पुलिस महकमे ने व्यापक तैयारियां की हैं। शहर के 35 से ज्यादा मुख्य चौक-चौराहों और संवेदनशील रास्तों पर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। हर आने-जाने वाली गाड़ी, खासकर दोपहिया वाहनों को रोककर उनकी चेकिंग की जा रही है। इस दौरान केवल गाड़ियों के नंबर ही नहीं देखे जा रहे, बल्कि चालकों के हाव-भाव और संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
बिना नंबर और टूटी-फूटी नंबर प्लेट वाली गाड़ियां रडार पर
इस पूरे चेकिंग अभियान में पुलिस का सबसे ज्यादा ध्यान उन गाड़ियों पर है जिन पर नंबर प्लेट नहीं लगी है। इसके साथ ही जिन वाहनों पर फर्जी नंबर लिखे हैं या नंबर साफ तौर पर दिखाई नहीं दे रहे हैं, उन्हें तुरंत रोका जा रहा है। पुलिस का मानना है कि कई बार शातिर अपराधी वारदात को अंजाम देने के लिए ऐसे ही बिना नंबर वाले वाहनों का सहारा लेते हैं ताकि घटना के बाद उन्हें आसानी से पहचाना न जा सके।
ड्राइविंग लाइसेंस और इंश्योरेंस की कमी पर हो रही कार्रवाई
नाकेबंदी के दौरान पुलिस केवल संदिग्धों को ही नहीं पकड़ रही, बल्कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी शिकंजा कस रही है। वाहन चालकों से उनकी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट यानी आरसी, वैध ड्राइविंग लाइसेंस और इंश्योरेंस के कागजात मांगे जा रहे हैं। जिन लोगों के पास दस्तावेज अधूरे मिल रहे हैं या जो नियम तोड़ते पाए जा रहे हैं, उनके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मौके पर ही चालान काटने की कार्रवाई की जा रही है।
सड़क चलते अपराधों को रोकने के लिए तैयार की विशेष रणनीति
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस ताबड़तोड़ चेकिंग का असली मकसद शहर के भीतर होने वाले छोटे-बड़े अपराधों को रोकना है। सड़कों पर पुलिस की लगातार मौजूदगी और कड़ी जांच से असामाजिक तत्वों में डर पैदा होगा। इस तरह की औचक चेकिंग से न केवल चोरी की गाड़ियों का पता लगाने में मदद मिलती है, बल्कि देर-सबेर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों को भी समय रहते रोका जा सकता है।
पुलिस ने जनता से की गाड़ी के कागजात दुरुस्त रखने की अपील
कार्रवाई के बीच रायपुर पुलिस ने आम नागरिकों और वाहन स्वामियों से एक जरूरी अपील भी जारी की है। पुलिस ने कहा है कि लोग जब भी घर से बाहर वाहन लेकर निकलें, तो अपनी गाड़ी के सारे दस्तावेज साथ रखें। इसके अलावा अपनी गाड़ियों पर नियमों के मुताबिक साफ अक्षरों वाली नंबर प्लेट जरूर लगवाएं। पुलिस ने साफ कर दिया है कि आम जनता की सुरक्षा की खातिर आने वाले दिनों में भी यह अभियान इसी तरह अचानक चलाया जाता रहेगा।
आने वाले दिनों में और सख्त हो सकती है चौकसी
सड़क सुरक्षा और नागरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभाग इस अभियान का दायरा बढ़ाने पर विचार कर रहा है। आने वाले समय में रात के वक्त भी शहर के एंट्री पॉइंट्स पर ऐसी ही कड़ी नाकेबंदी देखने को मिल सकती है। पुलिस का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि शहर की सड़कों पर दौड़ने वाला हर वाहन पूरी तरह वैध हो और उसका पूरा रिकॉर्ड पुलिस के पास आसानी से उपलब्ध रहे ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।



