
Mahasamund News: महासमुंद जिले के बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल के आपातकाल वार्ड में घायल मरीज का इलाज डॉक्टर और नर्स की मौजूदगी में किसी प्रशिक्षित स्टाफ ने नहीं, बल्कि एम्बुलेंस ड्राइवर ने किया। सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर में साफ दिख रहा है कि ड्राइवर हाथों में औजार लेकर मरीज को टांका लगाते हुए नजर आ रहा है।
हादसे के बाद पहुंचाए गए थे घायल
Bagbahara CHC: जानकारी के मुताबिक, सड़क दुर्घटना में घायल दो लोगों को इलाज के लिए बागबाहरा अस्पताल लाया गया था। इस दौरान अस्पताल में डॉक्टर और स्वास्थ्य अमला मौजूद था, लेकिन इलाज की जिम्मेदारी गैर-प्रशिक्षित एम्बुलेंस ड्राइवर ने उठा ली। ड्राइवर बिना किसी झिझक के मरीज का उपचार करता रहा और मौजूद जिम्मेदार कर्मचारी उसे रोकने के बजाय सहयोग करते रहे।

लोगों में भारी आक्रोश
Bagbahara Hospital Case: इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो एक जागरूक व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दिया। वीडियो वायरल होते ही स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब अस्पताल में डॉक्टर और नर्स मौजूद थे, तो इलाज की जिम्मेदारी ड्राइवर को कैसे दी गई।
अधिकारियों ने पल्ला झाड़ा
मामले में बागबाहरा CHC के बीएमओ डॉ. बी एस बढ़ई ने कोई भी टिप्पणी करने से साफ इंकार कर दिया। वहीं सीएमएचओ महासमुंद आई नागेश्वर राव ने कहा कि यह मामला उनकी जानकारी में नहीं है। बीएमओ से जानकारी लेने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
हाईकोर्ट की फटकार के बाद भी लापरवाही
गौरतलब है कि हाल ही में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने गरियाबंद अस्पताल की लापरवाही पर राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग को कड़ी फटकार लगाई थी। इसके बावजूद बागबाहरा अस्पताल में गैर-प्रशिक्षित व्यक्ति से इलाज कराना गंभीर सवाल खड़ा करता है। यह न केवल अदालत के आदेशों की अनदेखी है बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविकता भी उजागर करता है।



