
रायपुर: चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ के कारण छत्तीसगढ़ के मौसम में बड़ा बदलाव आने वाला है। यह तूफान 27 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा, जिसके बाद इसका असर 28 अक्टूबर से लेकर 30 अक्टूबर तक प्रदेश में दिखाई देगा। तूफान के कारण दक्षिण छत्तीसगढ़ (बस्तर संभाग) में भारी वर्षा के साथ 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चलने की आशंका है।
बस्तर संभाग के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट
Red Alert: मौसम विभाग ने तूफान ‘मोन्था’ के असर को देखते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बस्तर संभाग में भारी बारिश और 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की आशंका है। 28 और 29 अक्टूबर को यहाँ 200 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की जा सकती है, जिसके चलते रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिक गायत्रीवाणी कांचीभोटला के अनुसार, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और बस्तर जिलों में भारी बारिश का अनुमान है।
तीन दिनों तक छत्तीसगढ़ में तूफान का असर
Orange Alert: चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ का असर छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में तीन दिनों तक देखने को मिलेगा। तूफान का सबसे ज्यादा असर 27 से 29 अक्टूबर तक मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के हिस्सों में रहेगा। इस दौरान मुख्य रूप से दक्षिण छत्तीसगढ़ में तेज आंधी के साथ भारी बारिश होने की आशंका है। तूफान के कमजोर होने के बाद, इसका असर 30 अक्टूबर को उत्तर छत्तीसगढ़ यानी सरगुजा और बिलासपुर संभाग में भी दिखाई पड़ेगा, जहाँ कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के लिए अलर्ट
दक्षिण छत्तीसगढ़ के बाद तूफान का असर मध्य छत्तीसगढ़ (जिसमें रायपुर भी शामिल है) और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा। 29 अक्टूबर को मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश होने की संभावना है। रायपुर, बिलासपुर समेत कई जगहों के लिए मौसम विभाग द्वारा ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसके चलते लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मोन्था की वर्तमान स्थिति
Cyclonic Storm: वर्तमान में चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ साउथ वेस्ट वे बंगाल और इससे लगे हुए क्षेत्र में बना हुआ है। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले 24 घंटों में यह प्रबल होकर साइक्लोनिक स्टॉर्म का रूप ले सकता है, जिसके बाद इसके उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। इसी दिशा में आगे बढ़ने के कारण ही इसका असर छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती और दक्षिणी क्षेत्रों में दिखाई देगा।



