
छत्तीसगढ़ की चर्चित सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर आकांक्षा टोप्पो एक बार फिर कानूनी पचड़े में फंसती नजर आ रही हैं। आकांक्षा ने कृषि मंत्री रामविचार नेताम को लेकर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक विवादित वीडियो साझा किया है जिसमें बेहद तीखी और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है। यह वीडियो सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। मंत्री के समर्थकों का आरोप है कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की अभद्र टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती।
अश्लील डांस और मंत्री का बयान
इस पूरे विवाद की जड़ सूरजपुर के वन विभाग रेस्ट हाउस में हुआ एक अश्लील डांस प्रोग्राम है। इस कार्यक्रम का वीडियो वायरल होने के बाद जब कृषि मंत्री रामविचार नेताम से सवाल पूछा गया तो उन्होंने इसे ‘कला’ से जोड़ते हुए एक बयान दिया था। मंत्री ने कहा था कि कला का क्षेत्र बहुत बड़ा है और इसमें सिर्फ भजन-कीर्तन ही नहीं आता। उन्होंने अश्लील डांस की तुलना धार्मिक आयोजनों में होने वाले नृत्य से कर दी थी जिसे लेकर सोशल मीडिया पर काफी बहस छिड़ गई थी।
आकांक्षा का वीडियो और कॉल रिकॉर्डिंग
CONTENT: मंत्री के इसी बयान पर पलटवार करते हुए आकांक्षा टोप्पो ने करीब 2 मिनट का एक वीडियो बनाया। इस वीडियो में उन्होंने न केवल मंत्री की तस्वीर का इस्तेमाल किया बल्कि एक कथित कॉल रिकॉर्डिंग भी सार्वजनिक की। इस रिकॉर्डिंग में मंत्री और किसी दूसरे व्यक्ति के बीच की बातचीत का हिस्सा होने का दावा किया गया है। वीडियो में आकांक्षा का गुस्सा साफ दिख रहा है लेकिन शब्दों के चयन को लेकर अब वे खुद सवालों के घेरे में आ गई हैं।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने खोला मोर्चा
वीडियो वायरल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता और मंत्री के समर्थक लामबंद हो गए हैं। अंबिकापुर के कोतवाली थाने में बड़ी संख्या में भाजपा नेता पहुंचे और आकांक्षा के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह वीडियो जानबूझकर मंत्री की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से बनाया गया है। सरगुजा संभाग के अन्य थानों में भी आकांक्षा के खिलाफ कार्रवाई के लिए आवेदन दिए गए हैं जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है।
पहले भी विवादों से रहा है नाता
यह पहली बार नहीं है जब आकांक्षा टोप्पो अपनी बयानबाजी के कारण चर्चा में आई हों। इससे पहले भी उन पर कई गणमान्य व्यक्तियों के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने के आरोप लग चुके हैं। कुछ समय पहले सीतापुर थाने में भी उनके खिलाफ इसी तरह का मामला दर्ज हुआ था जिसमें उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर मुचलके पर रिहा किया था। बार-बार इस तरह की घटनाओं के दोहराव के कारण पुलिस अब इस मामले को गंभीरता से ले रही है।
पुलिस की जांच और संभावित कार्रवाई
कोतवाली पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं की शिकायत दर्ज कर ली है और अब वीडियो की बारीकी से जांच की जा रही है। साइबर सेल की मदद से वीडियो की प्रमाणिकता और उसमें इस्तेमाल की गई भाषा का विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून के मुताबिक जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए माना जा रहा है कि आकांक्षा को जल्द ही पूछताछ के लिए थाने बुलाया जा सकता है।
कला और मर्यादा पर शुरू हुई बहस
इस घटना के बाद सार्वजनिक जीवन में शब्दों की मर्यादा और कला की परिभाषा पर नई बहस शुरू हो गई है। एक तरफ जहां मंत्री के बयान को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ एक महिला इंफ्लुएंसर द्वारा अभद्र भाषा के इस्तेमाल को भी गलत ठहराया जा रहा है। बस्तर से लेकर सरगुजा तक यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि इसमें एक तरफ सत्तापक्ष के कद्दावर मंत्री हैं और दूसरी तरफ सोशल मीडिया की सक्रिय आवाज।
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