CG IPS Corruption Case: छत्तीसगढ़ के ट्रेनी IPS राहुल बंसल पर 1 करोड़ रिश्वत लेने के आरोप, इंटरव्यू में दी थी ईमानदारी की सलाह अब खुद से फसे रिश्वत के केस में, जानें पूरा मामला

IPS Rahul Bansal Corruption Case Controversy: छत्तीसगढ़ कैडर के 2022 बैच के ट्रेनी आईपीएस अधिकारी राहुल बंसल पर एक साइबर फ्रॉड केस को दबाने के एवज में 1 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगा है। सरगुजा जिले में नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) के पद पर पहली फील्ड पोस्टिंग के दौरान ही उन पर यह गाज गिरी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली की विशेष सीबीआई अदालत ने छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक और सीबीआई निदेशक से पूरे मामले की एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) तलब की है।

आयकर इंस्पेक्टर से आईपीएस बनने तक का सफर

CG Trainee IPS Corruption Case: भारतीय पुलिस सेवा में चयन से पहले राहुल बंसल आयकर विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे। साल 2021 की संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास करने के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला था। अब उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगने के बाद उनकी सिविल सेवा तैयारी के समय का एक मॉक इंटरव्यू वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वे ईमानदारी और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था पर बात करते नजर आ रहे थे।

साइबर फ्रॉड केस रफा-दफा करने के लिए 1 करोड़ रुपये मांगने का आरोप

Rahul Bansal IPS Update: मामला सरगुजा जिले में पदस्थापना के दौरान दर्ज एक साइबर ठगी के केस से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मामले को खत्म करने और राहत देने के बदले में आरोपी पुलिस अधिकारियों ने 1 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि की मांग की थी। शिकायत में कहा गया है कि यह रकम एक साथ न देकर मई 2026 में हवाला के जरिए दो अलग-अलग किस्तों में पहुंचाई गई थी।

हवाला के जरिए 50-50 लाख रुपये की दो किस्तों में हुआ कथित भुगतान

शिकायत के मुताबिक रिश्वत की रकम को छुपाने के लिए हवाला नेटवर्क का सहारा लिया गया था। आरोपी पक्ष को मई 2026 के दौरान 50 लाख रुपये की पहली किस्त भेजी गई और इसके कुछ ही दिनों बाद 50 लाख रुपये की दूसरी किस्त भी ट्रांसफर कर दी गई। शिकायतकर्ता ने लेन-देन की तारीखों और माध्यमों का पूरा ब्योरा अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया है।

सीबीआई अदालत के समक्ष जमा किए गए व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग

शिकायतकर्ता ने अदालत का रुख करते हुए अपने दावों के समर्थन में कई अहम डिजिटल साक्ष्य जमा किए हैं। इन सबूतों में संदिग्धों के बीच हुई बातचीत के व्हाट्सएप चैट और ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग शामिल हैं। राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश सुधांशु कौशिक ने इन साक्ष्यों और शिकायत की समीक्षा करने के बाद मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।

ट्रेनी आईपीएस के अलावा सरगुजा साइबर थाने के दो पुलिसकर्मी भी सह-आरोपी

इस पूरे मामले में केवल आईपीएस राहुल बंसल ही आरोपी नहीं हैं, बल्कि सरगुजा के साइबर थाने में तैनात एएसआई प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा को भी सह-आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने मामले को निपटाने और हवाला की रकम के समन्वय में बिचौलिए की भूमिका निभाई थी। अब जांच एजेंसियों के सामने डिजिटल साक्ष्यों की सत्यता जांचने की चुनौती है।

बीएनएसएस की धारा 175(3) के तहत कोर्ट पहुंचे शिकायतकर्ता, रिपोर्ट का इंतजार

शिकायतकर्ता ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 175(3) के तहत अदालत में याचिका दायर की है। यह धारा पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई न किए जाने पर अदालत के हस्तक्षेप और एफआईआर दर्ज करने के निर्देश का अधिकार देती है। विशेष सीबीआई अदालत द्वारा मांगी गई एक्शन टेकन रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में आगे की कानूनी दिशा और एफआईआर दर्ज करने से जुड़ी स्थिति साफ हो सकेगी।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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