Gangrel Dam Water Level: भीषण गर्मी के बीच राहत की खबर, गंगरेल बांध में साढ़े 21 टीएमसी पानी; नहीं होगी किल्लत

Dhamtari News: छत्तीसगढ़ में सूरज के तेवर दिनों-दिन तीखे होते जा रहे हैं। तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। इस भीषण गर्मी के बीच धमतरी जिले में स्थित प्रदेश के सबसे बड़े बांध गंगरेल (रविशंकर जलाशय) से राहत भरी खबर आई है। बांध में वर्तमान में साढ़े 21 टीएमसी से अधिक उपयोगी पानी का स्टॉक मौजूद है। जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को गंगरेल बांध का जलस्तर 347.03 मीटर दर्ज किया गया। बांध की कुल क्षमता 26.768 टीएमसी है जिसमें से 21.697 टीएमसी पानी सीधे तौर पर इस्तेमाल के योग्य है। पानी की यह उपलब्धता बताती है कि आने वाले महीनों में निस्तारी और पीने के पानी की कमी नहीं होगी।

सूखते तालाबों के बीच ग्रामीणों को मिलेगी राहत

बढ़ती तपिश का सबसे बुरा असर ग्रामीण इलाकों के जल स्रोतों पर पड़ा है। गांवों के छोटे तालाब और पोखर तेजी से सूख रहे हैं। कई जगहों पर तो जलस्तर इतना गिर गया है कि मवेशियों और निस्तारी के लिए पानी का संकट खड़ा होने लगा है। हालांकि मार्च के महीने में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से कुछ समय के लिए तापमान गिरा था लेकिन अब धूप ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है। ग्रामीण इस बात को लेकर चिंतित थे कि अप्रैल और मई की चिलचिलाती धूप में हालात और बिगड़ सकते हैं। ऐसी स्थिति में गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने की व्यवस्था ने लोगों को बड़ी उम्मीद दी है। वर्तमान में रायपुर शहर की जरूरत को पूरा करने के लिए मुख्य नहर और फीडर केनाल के माध्यम से पानी की सप्लाई जारी है।

सहायक बांधों का मजबूत बैकअप तैयार

गंगरेल के साथ-साथ उसके सहायक बांधों में भी जलभराव की स्थिति काफी संतोषजनक बनी हुई है। दुधावा, सोंडुर और माड़मसिल्ली बांधों को मिलाकर कुल 18 टीएमसी से ज्यादा उपयोगी पानी बचा हुआ है। विभाग की योजना है कि जरूरत पड़ने पर इन सहायक बांधों का पानी गंगरेल में शिफ्ट किया जा सकता है। वर्तमान में माड़मसिल्ली में 5.016 टीएमसी और दुधावा बांध में 8.901 टीएमसी लाइव पानी मौजूद है। वहीं सोंडुर बांध में भी 4.504 टीएमसी जलभराव रिकॉर्ड किया गया है। बांधों में पानी की यह पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित करती है कि गर्मी के इस मौसम में सिंचाई और निस्तारी के लिए प्रशासन के पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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