
Railway Travel Insurance PRS Counter: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्री आरक्षण प्रणाली यानी पीआरएस काउंटरों से टिकट खरीदने वाले यात्रियों के लिए एक नई सुविधा की घोषणा की है। अब तक केवल ऑनलाइन ई-टिकट बुक कराने पर उपलब्ध होने वाली वैकल्पिक यात्रा बीमा योजना का लाभ 27 अक्टूबर 2026 से काउंटर टिकट लेने वाले यात्रियों को भी मिलेगा। रेलवे प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के छह अक्टूबर 2026 के निर्देशों का अनुपालन करते हुए इस व्यवस्था को लागू करने जा रहा है।
सेंटर फॉर रेलवे इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स कर रहा है तकनीकी बदलाव
SECR Railway Insurance Facility 2026: काउंटरों पर बीमा विकल्प उपलब्ध कराने के लिए सेंटर फॉर रेलवे इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स (क्रिस) और आईआरसीटीसी मिलकर आरक्षण सॉफ्टवेयर में आवश्यक तकनीकी बदलाव कर रहे हैं। इस एकीकरण के बाद आरक्षण खिड़की पर तैनात कर्मचारी टिकट बनाते समय यात्रियों से बीमा की सहमति दर्ज कर सकेंगे।
यात्री की स्पष्ट सहमति के बाद ही जोड़ा जाएगा बीमा विकल्प
Supreme Court Rail Insurance Order:यह बीमा योजना पूरी तरह से वैकल्पिक रखी गई है और इसे यात्रियों पर अनिवार्य रूप से नहीं थोपा जाएगा। काउंटर पर मौजूद आरक्षण कर्मचारी टिकट बुकिंग के समय यात्री से उनकी इच्छा पूछेंगे। यदि यात्री सहमति देता है, तभी प्रणाली में बीमा का विकल्प जोड़ा जाएगा।
मोबाइल नंबर दर्ज कराना और प्रीमियम का डिजिटल भुगतान होगा अनिवार्य
बीमा की सुविधा प्राप्त करने के लिए यात्री को अपना वैध मोबाइल नंबर आरक्षण फॉर्म या काउंटर पर देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही बीमा प्रीमियम की राशि का भुगतान केवल डिजिटल माध्यम से स्वीकार किया जाएगा। बिना मोबाइल नंबर और डिजिटल भुगतान के बीमा पॉलिसी जारी नहीं हो सकेगी।
बीमा पॉलिसी का विवरण और कवरेज तालिका
बीमा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद पॉलिसी से जुड़ी सभी जानकारियां यात्री के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस या डिजिटल लिंक के रूप में भेज दी जाएंगी। इस योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सुरक्षा और दावों का विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है।
| घटना की श्रेणी | बीमा राशि का प्रावधान |
| दुर्घटना में मौत होने पर | ₹10,000,00 (10 लाख रुपये) |
| स्थायी पूर्ण दिव्यांगता पर | ₹10,000,00 (10 लाख रुपये) |
| स्थायी आंशिक दिव्यांगता होने पर | ₹7,50,000 (7.50 लाख रुपये) |
| अस्पताल में भर्ती व उपचार का खर्च | ₹2,00,000 तक (2 लाख रुपये) |
| पार्थिव शरीर के परिवहन हेतु | ₹10,000 तक |
महज 45 पैसे प्रति यात्री प्रीमियम पर मिलेगी 10 लाख रुपये की सुरक्षा
नीतिगत दस्तावेजों के अनुसार इस बीमा कवर के लिए प्रति यात्री प्रीमियम मात्र 0.45 रुपये यानी 45 पैसे निर्धारित किया गया है, जिसमें सभी लागू कर शामिल हैं। हालांकि टिकट खरीदते समय यात्रियों को काउंटर पर उस समय लागू वर्तमान प्रीमियम दर की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
कन्फर्म और आरएसी टिकट धारक यात्रियों को ही मिलेगा योजना का लाभ
यह बीमा सुरक्षा कन्फर्म, आरएसी (RAC) और आंशिक रूप से कन्फर्म सीट वाले यात्रियों के लिए लागू होगी। बिना सीट या बर्थ के यात्रा करने वाले पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को इस बीमा कवर के दायरे से बाहर रखा गया है।
डायवर्टेड और विकल्प योजना की ट्रेनों में भी लागू होंगे बीमा नियम
विशेष परिस्थितियों में यदि ट्रेन का रूट बदला जाता है या यात्री को ‘विकल्प’ योजना के तहत किसी अन्य ट्रेन में सीट आवंटित की जाती है, तो बीमा सुरक्षा पॉलिसी की शर्तों के अनुसार ही लागू मानी जाएगी। रेलवे द्वारा उपलब्ध कराए गए वैकल्पिक परिवहन माध्यमों पर भी संबंधित नियम प्रभावी होंगे।
आरक्षण पर्यवेक्षकों और काउंटर कर्मचारियों को दिया जा रहा है प्रशिक्षण
नई प्रणाली को सुगम तरीके से संचालित करने के लिए वाणिज्य विभाग द्वारा आरक्षण पर्यवेक्षकों और काउंटर कर्मचारियों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मंडल रेल प्रबंधक और वरिष्ठ अधिकारी इस नई व्यवस्था के कार्यान्वयन पर सीधी निगरानी रख रहे हैं।
किसी भी तकनीकी गड़बड़ी पर क्रिस और आईआरसीटीसी को दी जाएगी सूचना
यदि काउंटरों पर टिकट जारी करते समय या बीमा प्रविष्टि में कोई तकनीकी बाधा आती है, तो इसकी सूचना तुरंत क्रिस और आईआरसीटीसी के तकनीकी दल को भेजी जाएगी। पीआरएस काउंटर से जारी बीमा पॉलिसियों पर भी वही नियम लागू होंगे जो ई-टिकटों पर लागू होते हैं।
बीमा दावों और क्लेम का निपटारा सीधे बीमा कंपनी द्वारा किया जाएगा
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बीमा दावों के निपटारे, क्लेम राशि के भुगतान या शिकायत निवारण की जिम्मेदारी संबंधित बीमा कंपनी की होगी। किसी भी दुर्घटना की स्थिति में यात्री या उनके परिजनों को पॉलिसी दस्तावेज में दिए गए पते और हेल्पलाइन नंबर पर सीधे बीमा कंपनी से संपर्क करना होगा।



