
Top Commander Devji Surrender: सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव और सघन सर्च ऑपरेशन के बीच तेलंगाना से माओवाद को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। संगठन के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक, पोलित ब्यूरो मेंबर और केंद्रीय समिति के वरिष्ठ सदस्य देवजी ने अपने 18 साथियों के साथ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। देवजी का सरेंडर करना नक्सली नेटवर्क के लिए केवल रणनीतिक हार नहीं बल्कि एक बड़ा मनोवैज्ञानिक झटका भी है। लंबे समय से घेराबंदी और रसद आपूर्ति रुकने के कारण संगठन के भीतर पनप रही हताशा अब खुलकर सामने आने लगी है।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा का बड़ा बयान
देवजी के आत्मसमर्पण पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि बसव राजू के निष्क्रिय होने के बाद देवजी संगठन का सबसे बड़ा नाम था। डिप्टी सीएम ने कहा कि शासन की मंशा है कि जो भी नक्सली मुख्यधारा से कटना चाहते हैं, उन्हें बेहतर जीवन दिया जाए। सरकार उनके लिए खेती, बैंक लोन और सामाजिक पुनर्वास की पूरी व्यवस्था कर रही है। उन्होंने संकेत दिया कि अभी कुछ और बड़े नाम रडार पर हैं, जिन्हें जल्द ही समाज की मुख्यधारा में वापस लाया जाएगा।
पुनर्वास के लिए सरकार की खास पहल
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए सरकार कई मोर्चों पर काम कर रही है। डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि समर्पण करने वाले नक्सलियों को निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान की जाएंगी:
- वित्तीय सहायता: स्वरोजगार शुरू करने के लिए बैंक से आर्थिक मदद।
- कृषि लाभ: खेती के लिए जमीन और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था।
- पारिवारिक सहयोग: शादी-विवाह और बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष अनुदान।
- सुरक्षा गारंटी: आत्मसमर्पण के बाद उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी।
बीते महीनों में गिरे माओवाद के बड़े ‘बुर्ज’
देवजी से पहले भी कई शीर्ष कमांडरों ने हार मानकर पुलिस के सामने घुटने टेके हैं। पिछले कुछ महीनों में सरेंडर करने वाले मुख्य माओवादी नेताओं की सूची इस प्रकार है:
- देवजी उर्फ तिरुपति: पोलित ब्यूरो मेंबर, 22 फरवरी 2026 (तेलंगाना)
- रामदर मज्जी उर्फ सोमा: केंद्रीय समिति सदस्य, 08 दिसंबर 2025 (राजनांदगांव, छत्तीसगढ़)
- पुलुरी प्रसाद राव उर्फ चंद्रन्ना: केंद्रीय समिति सदस्य, 29 अक्टूबर 2025 (हैदराबाद, तेलंगाना)
- सतीश उर्फ रूपेश: केंद्रीय समिति सदस्य, 17 अक्टूबर 2025 (जगदलपुर, छत्तीसगढ़)
- मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति: पोलित ब्यूरो मेंबर, 14 अक्टूबर 2025 (गढ़चिरौली, महाराष्ट्र)
- सुजाता उर्फ कल्पना: केंद्रीय समिति सदस्य, 13 सितंबर 2025 (हैदराबाद, तेलंगाना)
संगठन के भीतर बढ़ता अविश्वास और हताशा
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि देवजी जैसे अनुभवी कमांडर का साथ छोड़ना यह दर्शाता है कि अब माओवादी विचारधारा अपनी अंतिम सांसें गिन रही है। जंगलों में फोर्स की बढ़ती तैनाती और तकनीकी निगरानी ने नक्सलियों के छिपने के ठिकानों को असुरक्षित कर दिया है। संगठन के भीतर अब नेतृत्व की कमी साफ देखी जा रही है। तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय अन्य कैडरों के बीच भी अब आत्मसमर्पण की चर्चाएं तेज हो गई हैं, जो आने वाले समय में क्षेत्र में शांति बहाली का बड़ा मार्ग प्रशस्त करेगा।



