
Sarona Liquor Shop Theft: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सरोना स्थित एक सरकारी कंपोजिट विदेशी शराब दुकान में बीती रात चोरों ने बड़ी सफाई से चोरी की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है. अज्ञात शातिर चोरों ने दुकान का ताला तोड़कर भीतर प्रवेश किया और वहां रखे करीब 7 लाख रुपये कैश से भरे भारी-भरकम सेफ लॉकर को ही उखाड़कर अपने साथ ले गए. चोर इतने चालाक थे कि उन्होंने पकड़े जाने के डर से सीसीटीवी कैमरों को बंद करने के बजाय सीधे कैमरों का डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) ही निकाल लिया और उसे भी अपने साथ समेट ले गए. घटना की भनक रविवार सुबह तब लगी जब कर्मचारी दुकान खोलने पहुंचे. सूचना मिलते ही आमानाका थाना पुलिस और आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं.
रविवार सुबह दुकान खुलते ही कटी कड़ियां, बिखरा सामान देख उड़े कर्मचारियों के होश
यह पूरी सनसनीखेज वारदात आमानाका थाना क्षेत्र के सरोना स्थित कंपोजिट विदेशी मदिरा दुकान की है. रोज की तरह शनिवार रात को बिक्री का पूरा हिसाब-किताब करने के बाद कर्मचारी करीब 7 लाख रुपये की नकदी को लोहे के मजबूत लॉकर में बंद कर दुकान का शटर गिराकर घर चले गए थे. रविवार सुबह जब सफाई कर्मी और दुकान के अन्य कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंचे, तो उन्होंने मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ पाया. भीतर जाकर देखा तो काउंटर के पास का सारा सामान बिखरा पड़ा था और नकदी से भरा भारी लॉकर अपनी जगह से पूरी तरह गायब था, जिसे देखकर कर्मचारियों के होश उड़ गए.
चोरों ने अपनाया शातिर दिमाग, पहचान छिपाने के लिए उखाड़ ले गए कैमरों का डीवीआर
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इस चोरी को अंजाम देने वाले गिरोह ने पहले दुकान की अच्छी तरह से रेकी की थी. चोरों ने लॉकर की चाबी ढूंढने या उसे मौके पर ही तोड़ने में वक्त बर्बाद नहीं किया, बल्कि औजारों की मदद से पूरे लॉकर को ही जमीन और दीवार से उखाड़ लिया. अपनी पहचान गुप्त रखने और पुलिस को कोई भी डिजिटल सुराग न मिले, इसके लिए चोरों ने दुकान के भीतर और बाहर लगे सभी सिक्योरिटी कैमरों के मुख्य कनेक्शन को काटा और पूरी रिकॉर्डिंग वाले डीवीआर बॉक्स को ही उखाड़कर चंपत हो गए.
आमानाका पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की टीम सक्रिय, हाईवे के फुटेज खंगाल रही पुलिस
दुकान संचालकों द्वारा आमानाका थाने में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराते ही पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया. चूंकि दुकान का मुख्य डीवीआर गायब है, इसलिए पुलिस ने अब सरोना मुख्य मार्ग, आसपास के पेट्रोल पंपों, होटलों और हाईवे की तरफ जाने वाले रास्तों पर लगे अन्य निजी व सरकारी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है. पुलिस को अंदेशा है कि लॉकर काफी भारी था, इसलिए चोर निश्चित रूप से किसी बड़ी गाड़ी या पिकअप वाहन का इस्तेमाल कर देर रात सरोना इलाके से भागे होंगे.
डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने मौके से जुटाए उंगलियों के निशान
चोरी की इस गंभीर वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भी एक्टिव हो गए. वेस्ट रायपुर के एडिशनल डीसीपी और पुरानी बस्ती संभाग के एसीपी (ACP) खुद दलबल के साथ सरोना स्थित घटना स्थल पर पहुंचे. अधिकारियों के निर्देश पर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की टीम और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाया गया. जांच टीम ने शटर, काउंटर और लॉकर रखे जाने वाले स्थान से चोरों के उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट्स) और अन्य महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य कलेक्ट किए हैं, जिन्हें मिलान के लिए लैब भेजा जा रहा है.



