
Shashank Singh Left Chhattisgarh Cricket Team:आईपीएल में शानदार प्रदर्शन से पहचान बनाने वाले स्टार ऑलराउंडर शशांक सिंह ने छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ (सीएससीएस) से अपना नाता तोड़ लिया है। आगामी घरेलू सत्र 2026-27 से वे छत्तीसगढ़ की जगह पुडुचेरी की ओर से खेलते नजर आएंगे। संघ से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेने के बाद शशांक सिंह ने मीडिया के सामने अपनी कड़वी आपबीती बयां की। उन्होंने संघ के कुछ पदाधिकारियों के रवैये और टीम चयन में हो रही मनमानी को अपना राज्य छोड़ने की मुख्य वजह बताया है।

मजबूरी में लेना पड़ा छत्तीसगढ़ से NOC
शशांक सिंह ने बताया कि वे पिछले दो महीनों से लगातार संघ के अधिकारियों को बैठक के लिए संदेश भेज रहे थे, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। उपेक्षा से तंग आकर आखिरकार उन्हें एनओसी की मांग करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग (सीसीपीएल) के इस सीजन में उन्हें दरकिनार कर दिया गया और बेंगलुरु कैंप के दौरान भी उनसे किसी ने संपर्क नहीं किया। शशांक का कहना है कि वे अपने गृह राज्य के लिए ही खेलना चाहते थे और टीम को विजेता बनाने का प्रयास करते रहे, लेकिन हालात ने उन्हें राज्य छोड़ने पर मजबूर कर दिया।

पदाधिकारियों पर गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार का आरोप
शशांक सिंह ने सीएससीएस के कुछ अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चोटिल होने या किसी मैच में जल्दी आउट होने पर कुछ पदाधिकारी खिलाड़ियों के साथ गाली-गलौज और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। शशांक के मुताबिक उनके पास इन बातों के पुख्ता प्रमाण मौजूद हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे माहौल में कोई भी खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कैसे दे सकता है। इसी वजह से पिछले 10 सालों से रणजी खेलने के बावजूद राज्य की टीम का स्तर लगातार गिर रहा है।

टीम चयन में दो लोगों की मनमानी का दावा
सीएससीएस की चयन प्रक्रिया पर हमला बोलते हुए शशांक ने कहा कि राज्य की रणजी टीम का चयन केवल दो लोगों की मर्जी से होता है। मैदान पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन को दरकिनार कर personal संपर्कों के आधार पर खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाती है। एक तरफ संघ बाहरी खिलाड़ियों को टीम में जगह दे रहा है, वहीं दूसरी ओर राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया जा रहा है। इसी वजह से टीम राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंटों में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पा रही है।
अंतर जिला टूर्नामेंट को लेकर आमने-सामने आए दोनों पक्ष
शशांक सिंह के एनओसी लेने पर सीएससीएस के निदेशक विजय शाह ने संघ का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि शशांक ने स्वयं एनओसी की मांग की थी। विजय शाह के अनुसार शशांक अंतर जिला टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेते हैं और सीधे राज्य की मुख्य टीम में प्रवेश चाहते हैं, जो संघ के नियमों के खिलाफ है। वहीं इस तर्क पर पलटवार करते हुए शशांक ने कहा कि वे पिछले पांच वर्षों से अंतर जिला टूर्नामेंट नहीं खेल रहे थे, तब तक संघ को इस नियम से कोई आपत्ति क्यों नहीं थी।

पुडुचेरी की ओर से मैदान में उतरेंगे शशांक सिंह
छत्तीसगढ़ से एनओसी मिलने के बाद अब शशांक सिंह बीसीसीआई के आगामी घरेलू सत्र में पुडुचेरी की टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे। घरेलू क्रिकेट के एक बड़े चेहरे का इस तरह राज्य छोड़ना छत्तीसगढ़ क्रिकेट के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। खेल प्रेमियों और पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि इस विवाद के बाद संघ को अपनी आंतरिक व्यवस्था और खिलाड़ियों के साथ संवाद की प्रक्रिया में सुधार करने की जरूरत है।

10 साल के सफर का विवादित अंत
शशांक सिंह पिछले एक दशक से छत्तीसगढ़ क्रिकेट का अहम चेहरा रहे हैं। राज्य की टीम को कई मौकों पर संकट से निकालने वाले इस खिलाड़ी का सफर इस तरह से समाप्त होना कई सवाल खड़े करता है। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य में क्रिकेट के प्रशासनिक कामकाज और खिलाड़ियों के हित को लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है।



