Shefali Bagga ED Investigation Mahadev Betting App: महादेव सट्टा ऐप केस में फंसी शेफाली बग्गा: घर से मिला 30 लाख कैश, ED के सामने उगले कई राज

Shefali Bagga ED Investigation Mahadev Betting App: महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई तेज हो गई है। इस मामले में टीवी होस्ट और रियलिटी शो बिग बॉस की पूर्व कंटेस्टेंट शेफाली बग्गा से केंद्रीय एजेंसी लगातार पूछताछ कर रही है। हाल ही में जांच टीम ने शेफाली के दिल्ली स्थित आवास पर छापेमारी की थी, जहां से 30 लाख रुपये की नगद राशि बरामद की गई है। ईडी का दावा है कि यह रकम अवैध सट्टा ऐप्स के प्रचार-प्रसार के जरिए कमाई गई है।

छापेमारी में मिला भारी कैश और सट्टा ऐप से कनेक्शन

ईडी की टीम ने जब शेफाली बग्गा के दिल्ली वाले घर पर दबिश दी, तो वहां से 30 लाख रुपये नगद मिले। एजेंसी के अधिकारियों ने इस रकम को जब्त कर लिया है और इसके स्रोत को लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांचकर्ताओं का आरोप है कि महादेव ऐप नेटवर्क के तहत आने वाले विभिन्न अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म को प्रमोट करने के बदले यह मोटी रकम ली गई थी। शुरुआती आनाकानी के बाद शेफाली अब जांच में सहयोग कर रही हैं।

इंस्टाग्राम से टेलीग्राम पर भेजकर फंसाते थे यूजर्स

जांच में यह बात सामने आई है कि शेफाली बग्गा सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं और इंस्टाग्राम पर उनके करीब 58 लाख फॉलोअर्स हैं। ईडी के सूत्रों के मुताबिक, वह अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए इन अवैध सट्टा ऐप्स का प्रचार करती थीं। यहां से यूजर्स को एक खास टेलीग्राम चैनल पर भेजा जाता था, जहां उन्हें सट्टेबाजी के लिए उकसाया जाता था। यूजर्स को यह झांसा भी दिया जाता था कि ये ऐप्स सुरक्षित हैं और जांच एजेंसियां उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगी।

कानूनन अपराध होने की जानकारी के बाद भी किया प्रचार

प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 17 के तहत दर्ज किए गए बयान में शेफाली बग्गा ने कई अहम बातें स्वीकार की हैं। उन्होंने माना है कि उन्हें इस बात की पूरी जानकारी थी कि भारत में इस तरह के सट्टा ऐप्स का प्रचार करना पूरी तरह गैरकानूनी है, इसके बावजूद उन्होंने पैसों के लिए सोशल मीडिया पर इसका विज्ञापन किया। उन्होंने घर से मिले 30 लाख रुपये के अवैध ऐप प्रमोशन से जुड़े होने की बात भी कबूल की है।

पिता संभालते थे सट्टा ऐप प्रमोशन का पूरा हिसाब-किताब

पूछताछ के दौरान शेफाली बग्गा ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए अपने परिवार की भूमिका के बारे में बताया है। उन्होंने अधिकारियों को सूचित किया कि सट्टा ऐप चलाने वाले सिंडिकेट के साथ वित्तीय डील्स और पैसों के लेनदेन का पूरा काम उनके पिता विपिन बग्गा संभालते थे। किस ऐप के लिए कितना चार्ज करना है और भुगतान कैसे लिया जाएगा, इसकी पूरी जिम्मेदारी उनके पिता के पास ही थी।

समन जारी होने के बाद भी पिता और भाई चल रहे हैं फरार

इस मामले में केवल शेफाली ही नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार पर शिकंजा कसता जा रहा है। ईडी ने शेफाली के साथ-साथ उनके पिता विपिन बग्गा और भाई शिवांश बग्गा को भी पूछताछ के लिए समन जारी किया था। अधिकारियों ने बताया कि शेफाली बग्गा भी शुरुआत में तीन समन मिलने के बाद हाजिर नहीं हुई थीं, लेकिन बाद में वह गुरुवार और शुक्रवार को जांच में शामिल हुईं। हालांकि, उनके पिता और भाई अभी तक एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए हैं और जांच से बच रहे हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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