
Mahtari Vandan Yojana: छत्तीसगढ़ सरकार की सबसे बड़ी और लोकप्रिय योजनाओं में शामिल महतारी वंदन योजना को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने योजना का लाभ ले रही महिलाओं की पात्रता जांचने के लिए एक विशेष अभियान चलाया था। इस जांच के बाद प्रदेश भर में करीब 27 हजार महिलाएं ऐसी पाई गई हैं, जो नियमों के मुताबिक इस योजना के योग्य नहीं थीं, लेकिन फिर भी उनके खातों में पैसे जा रहे थे। अब महिला एवं बाल विकास विभाग इन अपात्र महिलाओं से दी गई राशि की वसूली करने की तैयारी में जुट गया है।
समय पर की गई जांच में खुली गड़बड़ी की पोल
महतारी वंदन योजना के तहत सरकार हर महीने प्रदेश की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1000 रुपये की आर्थिक मदद भेजती है। योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विभाग समय-समय पर हितग्राहियों का भौतिक सत्यापन और ई-केवाईसी (KYC) करवाता है। इसी नियमित जांच के दौरान पता चला कि हजारों महिलाएं अपात्र होने के बावजूद लगातार किस्तों का लाभ उठा रही थीं। गड़बड़ी सामने आते ही विभाग ने तुरंत इन खातों पर रोक लगा दी और अब तक मिले पैसों का हिसाब-किताब शुरू कर दिया है।
इन दो बड़ी वजहों से निरस्त हुए सबसे ज्यादा नाम
जांच रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं के अपात्र होने के पीछे दो मुख्य कारण सामने आए हैं। सबसे बड़ी वजह एक ही महिला द्वारा ‘दो या उससे अधिक बार आवेदन’ करना पाया गया है। इस श्रेणी में 15,036 मामलों को रद्द किया गया है, जो कुल अपात्रों का लगभग 55.5 फीसदी है। दूसरी बड़ी वजह आवेदकों का ‘शासकीय सेवा यानी सरकारी नौकरी में शामिल होना’ है। सरकारी नियमों के मुताबिक शासकीय सेवक के परिवार को इसका लाभ नहीं मिल सकता, जिसके चलते 6,946 मामलों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है।
रायपुर और रायगढ़ समेत कई जिलों में मिले अपात्र मामले
अपात्र महिलाओं की इस सूची में राज्य के कई बड़े जिले शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजधानी रायपुर से सबसे ज्यादा 2,883 मामले सामने आए हैं। इसके बाद रायगढ़ जिले का नंबर आता है, जहां 1,017 अपात्र महिलाएं चिन्हित की गई हैं। वहीं बस्तर संभाग के नारायणपुर जैसे छोटे जिले से भी 404 अपात्र प्रकरण मिले हैं। इसके अलावा प्रदेश में इस समय करीब 40 हजार ऐसी महिलाएं भी हैं, जिन्होंने तय समय सीमा के भीतर अपना आवश्यक केवाईसी अपडेट नहीं कराया है।
आठ करोड़ की नई वसूली और अब तक की कार्रवाई
सरकार इस मामले में काफी सख्त रुख अपना रही है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, गलत तरीके से ली गई राशि को वापस सरकारी खजाने में जमा कराने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। अब तक अपात्र हितग्राहियों से करीब 9 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। वहीं सूची में शामिल बाकी बची महिलाओं से आने वाले दिनों में 8 करोड़ रुपये और वसूलने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके लिए संबंधित ब्लॉक और पंचायत स्तर पर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू हो रही है।
बस्तर से जल्द शुरू होगी नए आवेदकों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया
इस कार्रवाई के बीच उन महिलाओं के लिए राहत की खबर है जो इस योजना का लाभ लेने से वंचित रह गई थीं। वर्तमान में प्रदेश की 68 लाख 54 हजार से अधिक महिलाएं इस योजना से जुड़ी हुई हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने स्पष्ट किया है कि जल्द ही नए आवेदकों के लिए महतारी वंदन योजना का ऑनलाइन पोर्टल दोबारा खोला जाएगा। इस नई आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत सबसे पहले बस्तर संभाग से की जाएगी और स्थिति की समीक्षा करने के बाद इसे बाकी बचे सभी जिलों के लिए भी लागू कर दिया जाएगा।



