पुलिस भर्ती के नतीजों पर बवाल, सैकड़ों अभ्यर्थी पहुंचे बिलासपुर हाईकोर्ट,139 अंक वाले का चयन, 143 वाले बाहर!

रायपुर: छत्तीसगढ़ में हाल ही में घोषित पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा के रिजल्ट को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। चयन में असफल रहे सैकड़ों अभ्यर्थियों ने गुरुवार को बिलासपुर हाईकोर्ट का रुख किया और चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए याचिका दायर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि समान कैटेगरी में कम अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों का चयन हो गया है, जबकि उनसे ज्यादा प्राप्तांक वाले कई अभ्यर्थियों को बाहर कर दिया गया है।

कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का आरोप- 139 वाले चयनित, 143 वाले बाहर!

आरक्षक भर्ती के नतीजों पर बढ़ते विवाद के बीच प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष दीपक बैज ने इसे एक बड़ा घोटाला बताया है और भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। बैज ने दावा किया कि 143 अंक लाने वाले योग्य अभ्यर्थी बाहर कर दिए गए हैं, जबकि 139 अंक वाले उम्मीदवारों का चयन हो गया है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि जब लिखित परीक्षा के अंक सार्वजनिक किए गए हैं, तो शारीरिक परीक्षा और कुल प्राप्तांक क्यों जारी नहीं किए गए हैं।

याचिका में मुख्य आरोप: नियमों का उल्लंघन और दोहरी सूची

सैकड़ों अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में चयन प्रक्रिया में कई गंभीर खामियां उजागर की हैं। उनके मुख्य आरोप ये हैं:

  • कम अंक वालों का चयन: समान कैटेगरी में अधिक अंक लाने वाले अभ्यर्थी चयनित नहीं हुए।
  • दोहरी वेटिंग लिस्ट: कई जिलों में एक ही अभ्यर्थी का नाम सामान्य वर्ग (General) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) दोनों की प्रतीक्षा सूची (Waiting List) में शामिल किया गया है, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है।
  • अन्य अनियमितताएं: एक ही एप्लिकेशन नंबर से कई लोगों का चयन होना और चयन का आधार स्पष्ट न होना।

अभ्यर्थियों की मांग: जांच पूरी होने तक नियुक्ति आदेश पर रोक

अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट से आग्रह किया है कि जब तक इन सभी अनियमितताओं की विस्तृत जांच पूरी नहीं हो जाती और प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं लायी जाती, तब तक सरकार द्वारा आरक्षकों के नियुक्ति आदेश जारी न किए जाएं। उनका कहना है कि यदि इस दौरान नियुक्ति दे दी गई, तो योग्य उम्मीदवारों के भविष्य पर गहरा असर पड़ेगा और बाद में सुधार या पुनर्विचार बेहद कठिन हो जाएगा।

नारायणपुर में अजीब गड़बड़ी- चयनितों का आवेदन क्रमांक एक जैसा

भर्ती प्रक्रिया में कई जिलों से अजीबोगरीब गड़बड़ियों की सूचना मिली है। उदाहरण के लिए, नारायणपुर जिले से यह सामने आया है कि वहां के सभी चयनित उम्मीदवारों का आवेदन क्रमांक एक जैसा दिखाया गया है, जो प्रशासनिक और तकनीकी लापरवाही की चरम सीमा को दर्शाता है। इन गड़बड़ियों से यह आरोप लगाया जा रहा है कि 5967 पदों वाली इस भर्ती में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार या अनियमितता हुई है।

हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई, भर्ती बोर्ड पर दबाव

प्रदेशभर से आए सैकड़ों अभ्यर्थियों के आक्रोश और याचिकाओं को देखते हुए अब हाईकोर्ट में इस मामले पर जल्द ही सुनवाई होने की संभावना है। अनुमान है कि कोर्ट इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण निर्देश जारी कर सकता है। मामले के बढ़ते विवाद को देखते हुए राज्य पुलिस मुख्यालय और भर्ती बोर्ड पर भी जवाब देने का दबाव बढ़ सकता है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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