
रायपुर: CG Congress District President: छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में कांग्रेस पार्टी ने जिलाध्यक्षों की नियुक्ति प्रक्रिया को इस बार बेहद सख्त और व्यवस्थित बना दिया है। अब जिला अध्यक्ष पद के किसी भी दावेदार को सिर्फ राजनीतिक सिफारिशों के भरोसे नहीं रहना होगा, बल्कि उन्हें लिखित रूप से विस्तृत जानकारी देनी होगी। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने इसके लिए 12 बिंदुओं पर आधारित एक 3 पेज का आवेदन-पत्र तैयार किया है, जिसे दावेदारों को भरकर पर्यवेक्षकों को सौंपना अनिवार्य है।
पारदर्शिता के लिए विस्तृत जानकारी मांगी गई
इस नई प्रक्रिया का उद्देश्य उन दावेदारों की छंटनी को आसान बनाना है, जो केवल राजनीतिक जुड़ाव के दम पर आगे बढ़ते रहे हैं। पार्टी अब पारदर्शिता, राजनीतिक अनुभव, सामाजिक सक्रियता और संवेदनशीलता को नियुक्ति का आधार बनाएगी।
- व्यक्तिगत और डिजिटल रिकॉर्ड: आवेदन पत्र में सबसे पहले व्यक्तिगत जानकारी के साथ-साथ सभी सोशल मीडिया हैंडल (फेसबुक, एक्स, व्हाट्सएप) की जानकारी मांगी गई है।
- संगठनात्मक अनुभव: दावेदार को कांग्रेस पार्टी में सक्रिय रहने की अवधि, पहला पद संभालने का समय, वर्तमान पद, और अब तक के सभी पदों का वर्षवार विवरण देना होगा।
- चुनावी रिकॉर्ड: यदि दावेदार ने कभी चुनाव लड़ा है, तो उन्हें वर्ष, पद, परिणाम और वोट प्रतिशत की विस्तृत जानकारी देनी होगी।
सामाजिक योगदान और कानूनी रिकॉर्ड बने बड़े मानक
कांग्रेस ने इस बार केवल संगठनात्मक अनुभव को ही नहीं, बल्कि सामाजिक सक्रियता को भी एक महत्वपूर्ण मानक बनाया है।
- सामाजिक सक्रियता: दावेदारों से पूछा गया है कि वे किन सामाजिक संगठनों से जुड़े हैं, उनकी गतिविधियों का विवरण क्या है, और वे कांग्रेस पार्टी के किस प्रशिक्षण शिविर में कब शामिल हुए हैं।
- निष्कासन और दल-बदल: जो दावेदार पहले दूसरी पार्टी से कांग्रेस में आए हैं, या निष्कासित हुए थे, उन्हें इसकी स्पष्ट जानकारी देनी होगी।
- आपराधिक रिकॉर्ड: यदि दावेदार पर कोई आपराधिक मामला लंबित या निपटाया गया है, तो उसकी भी पूर्ण जानकारी आवेदन के साथ जमा करना अनिवार्य है।

अध्यक्ष बनने का कारण और कार्य योजना लिखित में जरूरी
इस आवेदन पत्र का सबसे महत्वपूर्ण भाग वह है, जिसमें दावेदार को अपनी महत्वाकांक्षा को लिखित में साबित करना होगा।
- लिखित कारण: दावेदार को यह स्पष्ट करना होगा कि “आप जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष क्यों बनना चाहते हैं?”
- कार्य योजना: उन्हें अपनी योग्यता, कार्य योजना और यह भी बताना होगा कि पार्टी को उन्हें ही क्यों चुनना चाहिए, इसका ठोस विवरण लिखित में देना होगा।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि इस सख्त प्रक्रिया से आंतरिक गुटबाजी और बाहरी दबाव को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और नियुक्ति का आधार अधिक तथ्यपरक होगा। हालांकि, राजनीतिक समीकरण, जातीय संतुलन जैसे पहलुओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।



