
Sonam Wangchuk Protest Chhattisgarh: पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में विरोध प्रदर्शन तेज होता जा रहा है। राजधानी रायपुर से लेकर धमतरी, बीजापुर और गरियाबंद तक छात्र संगठन, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक पर कठोर कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता लाने की मांग कर रहे हैं। रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए युवाओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
खून से पत्र लिखकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
NEET Paper Leak Protest Raipur: रायपुर में प्रदर्शन के दौरान छात्र संगठन एनएसयूआई के सदस्यों ने अनोखे ढंग से अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं ने अपने खून से तख्ती पर ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ लिखकर अपना आक्रोश जताया। युवाओं का कहना है कि देश में लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं ने करोड़ों छात्रों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। परीक्षा संस्थाओं की लापरवाही के कारण युवाओं का व्यवस्था से भरोसा उठ रहा है, इसलिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए।

5 युवा कार्यकर्ताओं ने शुरू की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल
अंबेडकर चौक पर आंदोलन की कमान संभाल रहे पांच कार्यकर्ताओं ने मांगें पूरी न होने तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। अनशन पर बैठने वाले युवाओं में हेमंत पाल, अनुज शुक्ला, इंडिया घृतलहरे, ड्रिंकल और सोनम शामिल हैं। अनशनकारियों का कहना है कि जब तक पेपर लीक के खिलाफ कड़ा कानून नहीं बन जाता और सोनम वांगचुक की जायज मांगों को स्वीकार नहीं किया जाता, तब तक वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगे। यह लड़ाई केवल एक संगठन की नहीं बल्कि पूरे देश के भावी भविष्य की है।

धमतरी और बीजापुर में भी आंदोलन की उठी तेज आवाजें
सोनम वांगचुक के इस अभियान को छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी इलाकों से भी पूरा समर्थन मिल रहा है। धमतरी के गांधी मैदान में सामाजिक कार्यकर्ता मितेश जैन ने एक दिवसीय उपवास रखकर अपना समर्थन जाहिर किया। दूसरी ओर बीजापुर जिले में आदिवासी युवा छात्र संगठन के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि सोनम वांगचुक द्वारा उठाए जा रहे जनहित के मुद्दों पर तुरंत वार्ता कर समाधान निकाला जाए। पर

युवाओं ने रखी पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और सख्त कानून की मांग
प्रदर्शन स्थल पर जुटे युवाओं ने केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें पूरे देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखना, पेपर लीक रोकने के लिए गैर-जमानती धाराओं वाला कानून बनाना और गड़बड़ी में शामिल गिरोहों की संपत्ति कुर्क करना शामिल है। युवाओं ने स्पष्ट किया कि केवल खोखले आश्वासनों से बात नहीं बनेगी, सरकार को जमीनी स्तर पर ठोस और पारदर्शी कदम उठाने होंगे ताकि किसी भी मेधावी छात्र का हक न मारा जाए।

गरियाबंद के फिंगेश्वर में किसानों ने बनाई विशाल मानव श्रृंखला
आंदोलन की आंच अब किसान संगठनों तक भी पहुंच गई है। गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने एकजुट होकर मानव श्रृंखला बनाई और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इसके बाद किसानों का प्रतिनिधिमंडल तहसील कार्यालय पहुंचा और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि सोनम वांगचुक देश के पर्यावरण और छात्रों के अधिकार के लिए शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठा रहे हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा उनकी आवाज दबाने का प्रयास पूरी तरह अनुचित है।

पहले दिन सौंपा गया था ज्ञापन, मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष
इस व्यापक विरोध प्रदर्शन की शुरुआत के पहले दिन ही रायपुर के अंबेडकर चौक पर 500 से अधिक छात्र और युवा एकत्रित हुए थे। पहले चरण में राजभवन जाकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन जब कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला तो आंदोलन को उग्र रूप देना पड़ा। छात्र नेताओं और किसान प्रतिनिधियों ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर प्रशासनिक मोहर नहीं लग जाती, तब तक राज्यभर में लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन का दौर थमेगा नहीं।



