
Kurud Illegal Encroachment Removal: को लेकर धमतरी जिला प्रशासन अब पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए है। शासकीय भूमि को कब्जा मुक्त कराने के अभियान के तहत कुरूद विकासखंड के ग्राम कुल्हाड़ी में शुक्रवार को एक निर्णायक कार्रवाई की गई। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के कड़े निर्देशों के बाद राजस्व, पंचायत और पुलिस विभाग की एक संयुक्त टीम ने गांव में मोर्चा संभाला। प्रशासन ने एक साथ 26 अवैध निर्माणों को ढहाकर सरकारी जमीन को वापस अपने कब्जे में ले लिया है। इस अचानक हुई कार्रवाई से इलाके के अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है।
लंबे समय से काबिज अवैध निर्माणों को किया गया जमींदोज
अभियान के दौरान प्रशासन ने उन स्थानों को विशेष रूप से चिन्हित किया था जहां सालों से सरकारी जमीन पर निजी निर्माण किए गए थे। बुलडोजर की मदद से पक्के मकान, अवैध दीवारें, टीन शेड और बाउंड्री वाल जैसे निर्माणों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य गांव की उस बेशकीमती जमीन को खाली कराना था जो सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित थी लेकिन कुछ लोगों ने इसे निजी संपत्ति की तरह घेर लिया था।
नोटिस के बाद मिली समझाइश का दिखा सकारात्मक असर
प्रशासन ने इस कार्रवाई को अंजाम देने से पहले पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया था। अतिक्रमणकारियों को पहले ही आधिकारिक नोटिस जारी कर दिए गए थे और उन्हें खुद से कब्जा हटाने की समझाइश दी गई थी। इसका असर यह हुआ कि कई लोगों ने बुलडोजर चलने से पहले ही स्वेच्छा से अपने अवैध निर्माण हटाना शुरू कर दिया था। अधिकारियों की इस सतर्कता और संवाद की वजह से पूरी प्रक्रिया के दौरान कोई बड़ी बाधा सामने नहीं आई।
बिना किसी विरोध के शांतिपूर्ण ढंग से निपटा अभियान
आमतौर पर अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान विरोध और तनाव की स्थिति बन जाती है लेकिन ग्राम कुल्हाड़ी में मामला पूरी तरह शांत रहा। प्रशासन की पहले से की गई तैयारी और भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण किसी ने भी विरोध करने का प्रयास नहीं किया। बिना किसी विवाद के इतनी बड़ी संख्या में अवैध निर्माणों को हटाना प्रशासन के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने भी शांति बनाए रखने में सहयोग किया।
मौके पर तैनात रहे प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी
इस कार्रवाई को सफल बनाने के लिए मौके पर अधिकारियों की बड़ी फौज तैनात थी। कुरूद तहसीलदार सूरज बंछोर और नायब तहसीलदार राम सिन्हा ने पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व किया। सुरक्षा की कमान बिरेंझर चौकी प्रभारी अजय सिंह ने पुलिस टीम के साथ संभाली। इनके अलावा ग्राम कुल्हाड़ी की सरपंच सुमित्रा साहू और राजस्व व पंचायत विभाग के कर्मचारी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे ताकि जमीन के सीमांकन और पहचान में कोई चूक न हो सके।
सरकारी जमीन कब्जाने वालों को प्रशासन की कड़ी चेतावनी
प्रशासन ने इस बुलडोजर कार्रवाई के जरिए पूरे जिले को एक कड़ा संदेश दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह अभियान केवल एक गांव तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि जिले के अन्य विकासखंडों में भी जहां-जहां शिकायतें मिलेंगी वहां इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी। राजस्व विभाग अब उन जमीनों की सूची दोबारा खंगाल रहा है जिन पर अतिक्रमण की आशंका है।
व्यवस्थित ग्रामीण विकास के लिए जारी रहेगा यह मिशन
अतिक्रमण हटाने के इस बड़े अभियान के पीछे सरकार की सोच गांवों का सुव्यवस्थित विकास करना है। मुक्त कराई गई जमीन को अब सार्वजनिक संसाधनों और सामुदायिक कार्यों के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। प्रशासन का कहना है कि जब तक सरकारी जमीनें खाली नहीं होंगी तब तक जनकल्याणकारी योजनाओं और निर्माण कार्यों के लिए जगह मिलना मुश्किल होगा। सार्वजनिक संसाधनों को आम लोगों के उपयोग के लिए सुरक्षित रखना ही इस पूरी मुहिम का असल मकसद है।



