
छत्तीसगढ़ की राजनीति में कुरूद विधानसभा क्षेत्र हमेशा से चर्चा का केंद्र रहा है। क्षेत्र के विधायक अजय चंद्राकर के सक्रिय प्रयासों और जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का ही परिणाम है कि अब ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदलने वाली है। विभिन्न ग्राम पंचायतों में अधोसंरचना को मजबूत करने और आवागमन को सुगम बनाने के लिए शासन ने करोड़ों रुपये के विकास कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल ग्रामीणों का सफर आसान होगा, बल्कि स्थानीय व्यापार और सुविधाओं में भी गुणात्मक सुधार आएगा। विधायक के इस विजन से क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।
अधोसंरचना को मजबूती: पुल और सड़कों के जाल से जुड़ेगा हर गांव
किसी भी क्षेत्र की तरक्की का रास्ता उसकी सड़कों और पुलों से होकर गुजरता है। विधायक अजय चंद्राकर ने ग्रामीण अंचल की इसी नब्ज को पहचाना और महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों के प्रस्तावों को मंजूरी दिलाई। धमतरी के दहदहा नाला पर पुल निर्माण हो या चंदना से चंद्रपुर मार्ग पर उच्च स्तरीय पुल, ये परियोजनाएं बारिश के दिनों में होने वाली संपर्क टूटने की समस्या को हमेशा के लिए खत्म कर देंगी। इसके अलावा, नारी बायपास और दरबा-कोटगांव जैसे प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण इलाके की लाइफलाइन साबित होगा।
स्वीकृत कार्यों का ब्योरा: विकास के पहिये को मिलेगी नई रफ्तार
शासन द्वारा जारी प्रशासनिक स्वीकृति में पुल, सड़क और बायपास जैसे बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया है। इन कार्यों के लिए आवंटित बजट और उनकी उपयोगिता को नीचे दी गई तालिका में विस्तार से समझा जा सकता है:
| विकास कार्य का विवरण | लंबाई / स्वरूप | स्वीकृत राशि (लगभग) |
| नारी बायपास मार्ग (2 लेन) निर्माण | 2.15 किमी | 7 करोड़ 96 लाख 98 हजार रुपये |
| दरबा-कोटगांव-ढेठा मार्ग निर्माण | 4.45 किमी | 7 करोड़ 99 लाख 35 हजार रुपये |
| मेघा बस्ती से गौठान तक सड़क निर्माण | 1.55 किमी | 2 करोड़ 44 लाख 28 हजार रुपये |
| दहदहा नाला पर पुल निर्माण (धमतरी) | पुल निर्माण | 1 करोड़ 55 लाख 34 हजार रुपये |
| चंदना नाला पर उच्चस्तरीय पुल व मार्ग | पुल व पहुंच मार्ग | 58 लाख 77 हजार रुपये |
ग्रामीण जीवन में बदलाव: सुविधाओं के विस्तार से खुशहाल होंगे किसान
इन निर्माण कार्यों का सीधा लाभ क्षेत्र के किसानों और छोटे व्यापारियों को मिलेगा। मेघा बस्ती से शमशान घाट और गौठान तक बनने वाली सड़क से ग्रामीणों की रोजमर्रा की मुश्किलें कम होंगी। जब गांवों में पक्की सड़कों का जाल बिछता है, तो शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी आपातकालीन सेवाएं भी समय पर उपलब्ध हो पाती हैं। विधायक के इन प्रयासों से यह सुनिश्चित हो गया है कि कुरूद का सुदूर ग्रामीण क्षेत्र भी मुख्यधारा के विकास से कदमताल कर सकेगा। बुनियादी सुविधाओं के इस विस्तार से स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में व्यापक बदलाव आने की उम्मीद है।
व्यवस्थित परिवहन और सुदृढ़ कुरूद की संकल्पना
नारी बायपास मार्ग का निर्माण शहर के यातायात दबाव को कम करने के लिए एक दूरगामी सोच का हिस्सा है। इससे भारी वाहनों का दबाव कम होगा और दुर्घटनाओं की आशंका भी घटेगी। अजय चंद्राकर की यह कार्यशैली दर्शाती है कि वे केवल आज की जरूरतों को ही नहीं, बल्कि आने वाले 10 वर्षों की चुनौतियों को ध्यान में रखकर योजनाएं बना रहे हैं। प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद अब इन कार्यों के टेंडर और निर्माण की प्रक्रिया में तेजी आएगी। कुरूद विधानसभा क्षेत्र अब छत्तीसगढ़ में विकास के एक आदर्श मॉडल के रूप में उभर रहा है।



