
PM Modi NEET Paper Leak Statement: नीट परीक्षा में हुई धांधली को लेकर देशभर में जारी उथल-पुथल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ा रुख अपनाया है। बीजेपी संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पेपर लीक जैसी घटनाओं को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ और घोर पाप करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार इस मामले में पूरी तरह गंभीर है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री ने सभी राज्य सरकारों से अपील की है कि वे इस समस्या से निपटने के लिए एकजुट होकर काम करें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न दोहराई जाएं।
सरकार ने की त्वरित कार्रवाई, जांच एजेंसियों ने 13 आरोपियों को पकड़ा
Parliamentary Party Meeting NEET Row: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक में बताया कि पेपर लीक की शिकायतें मिलते ही शासन स्तर पर त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। मामले में लिप्त पाए गए लोगों के खिलाफ कड़े कानूनी कदम उठाए गए हैं। जांच एजेंसियों ने अब तक इस गड़बड़ी में शामिल 13 प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिन केंद्रों पर पेपर लीक होने की पुष्टि हुई थी, वहां पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दोबारा परीक्षाएं आयोजित कराई गईं। सरकार का उद्देश्य युवाओं में परीक्षा प्रणाली के प्रति विश्वास बहाल करना है।
जंतर-मंतर पर 24 दिनों से जारी है छात्रों का अनिश्चितकालीन प्रदर्शन
Sonam Wangchuk Jantar Mantar Protest: दूसरी ओर, देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा की निष्पक्ष जांच और शिक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। पिछले 24 दिनों से देश के कोने-कोने से आए हजारों छात्र और अभिभावक जंतर-मंतर पर डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएं। विभिन्न सामाजिक संगठनों और प्रमुख हस्तियों ने भी युवाओं के इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है।
सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में कराए गए भर्ती
जंतर-मंतर पर जारी इस आंदोलन के समर्थन में अनशन कर रहे मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ गया है। लगातार भूख हड़ताल पर रहने के कारण उनके शरीर में कमजोरी आ गई, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। वांगचुक की अनुपस्थिति के बावजूद जंतर-मंतर पर छात्रों का धरना समाप्त नहीं हुआ है। आंदोलनकारी युवाओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर प्रशासनिक मोहर नहीं लग जाती, वे पीछे नहीं हटेंगे।
सरकारी प्रतिनिधियों और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत रही बेनतीजा
Central Government Action Strict Law Paper Leak: स्थिति को संभालने के लिए सरकार की ओर से वार्ता के प्रयास भी किए गए हैं। हाल ही में प्रशासनिक अधिकारियों ने आंदोलन की अगुवाई कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी के दो प्रतिनिधिमंडलों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया था। काफी देर चली इस बैठक के बावजूद दोनों पक्षों के बीच किसी एक राय पर सहमति नहीं बन सकी। वार्ता विफल रहने के कारण प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन और तेज करने का निर्णय लिया है।
संसद के सत्र में भी गूंजा नीट पेपर लीक का मुद्दा
20 जुलाई से शुरू हुए संसद सत्र में भी नीट पेपर लीक का मामला प्रमुखता से छाया हुआ है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर है और सदन के भीतर लगातार जवाब मांग रहा है। वहीं सरकार का तर्क है कि इस दिशा में कड़े कानून और जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर काम चल रहा है। संसद में बहस छिड़ने के कारण यह पूरा घटनाक्रम अब राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है।



