
CG Gram Panchayat Ranking: छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास और पंचायती राज व्यवस्था के लिए एक गौरवशाली खबर सामने आई है। केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय ने साल 2026 की ग्राम पंचायत रैंकिंग जारी कर दी है। इस ताजा रिपोर्ट में बालोद जिले की झलमला ग्राम पंचायत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। झलमला को ‘A’ ग्रेड दिया गया है। खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ की कुल नौ ग्राम पंचायतों को अलग-अलग श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य के लिए चुना गया है। इन पंचायतों ने बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और पारदर्शिता जैसे पैमानों पर बड़े शहरों के करीब रहने वाली पंचायतों को भी पीछे छोड़ दिया है।
बालोद की झलमला पंचायत ने 78.77 अंकों के साथ किया टॉप
मंत्रालय द्वारा जारी पंचायत विकास सूचकांक में बालोद जिले की झलमला ग्राम पंचायत ने 78.77 अंक हासिल कर अपनी श्रेष्ठता साबित की है। झलमला की इस कामयाबी के पीछे पारदर्शिता, बेहतर बुनियादी सुविधाएं और ग्रामीणों की सक्रिय जनभागीदारी को मुख्य वजह माना जा रहा है। मंत्रालय ने स्थानीय प्रशासन को मजबूत करने के लिए नौ अलग-अलग बिंदुओं के आधार पर पंचायतों का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया था। रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ की इन पंचायतों ने विकास के मामले में एक नया मानक स्थापित किया है जिससे राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
धमतरी की मंदरौद पंचायत गरीबी मुक्ति और आजीविका में अव्वल
छत्तीसगढ़ में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पंचायतों की सूची काफी प्रभावशाली है। गरीबी मुक्त विकास और बेहतर आजीविका के मामले में धमतरी जिले के कुरुद ब्लॉक की मंदरौद पंचायत ने 94.4 अंक लेकर शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। वहीं स्वस्थ पंचायत श्रेणी में बलरामपुर की खम्हारिया पंचायत 91.3 अंकों के साथ सबसे आगे रही। बच्चों के भविष्य को लेकर काम करने वाली ‘बाल हितैषी’ श्रेणी में बालोद की कचिया पंचायत ने 95.7 अंक पाकर पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
स्वच्छ और हरित गांव बनाने में जशपुर की सरडीह पंचायत सबसे आगे
पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के क्षेत्र में जशपुर जिले की सरडीह पंचायत ने 95.0 अंकों के साथ बाजी मारी है। बुनियादी ढांचे के विकास की बात करें तो दुर्ग जिले की विनायकपुर पंचायत ने 92.22 अंक प्राप्त कर पहला स्थान पाया। सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में मुंगेली की बैहाकापा पंचायत 88.6 अंकों के साथ आगे रही। इन आंकड़ों से साफ है कि बस्तर से लेकर जशपुर तक छत्तीसगढ़ की पंचायतें अब आधुनिक और टिकाऊ विकास की राह पर तेजी से अग्रसर हैं।
सुशासन और महिला सशक्तिकरण में बस्तर और राजनांदगांव ने मारी बाजी
बेहतर प्रशासन यानी सुशासन के मामले में बस्तर की राइकोट पंचायत ने 89.47 अंक हासिल किए हैं जो आदिवासी क्षेत्रों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इसी तरह महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों के लिए काम करने वाली ‘महिला हितैषी’ श्रेणी में राजनांदगांव की परवलकसा ग्राम पंचायत 84.42 अंक के साथ टॉप पर रही। राष्ट्रीय स्तर पर जारी इस पीएआई 2.0 रिपोर्ट में देशभर की लगभग 2.60 लाख पंचायतों ने अपना दावा पेश किया था जिसमें छत्तीसगढ़ की इन पंचायतों ने अपना लोहा मनवाया है।
पंचायत उन्नति सूचकांक में छत्तीसगढ़ की पंचायतों का दबदबा
केंद्र सरकार की इस रिपोर्ट के मुताबिक देशभर की लगभग 45.72 प्रतिशत पंचायतें उत्कृष्ट श्रेणी में शामिल हुई हैं। छत्तीसगढ़ की पंचायतों ने गरीबी मुक्त विकास और स्वस्थ पंचायत जैसे गंभीर विषयों पर ए+ ग्रेड हासिल कर यह दिखाया है कि सही नेतृत्व और जनभागीदारी से गांवों की तस्वीर बदली जा सकती है। अब इन सफल पंचायतों के मॉडल को राज्य की अन्य ग्राम पंचायतों में भी लागू करने की योजना है ताकि छत्तीसगढ़ का हर गांव आत्मनिर्भर और विकसित बन सके।



