धमतरी जिले की सेहत सुधारने उतरीं नई एंबुलेंस: 10 अत्याधुनिक 108 गाड़ियों की मिली सौगात, महापौर ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

धमतरी जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को धार देने के लिए एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। जिले के बेड़े में कुल 10 नई 108 एंबुलेंस शामिल की गई हैं, जो आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से पूरी तरह लैस हैं। इन एंबुलेंस के आने से न केवल शहरी इलाकों बल्कि दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में भी मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना आसान होगा। महापौर रामू रोहरा ने 1 अप्रैल 2026 को जिला अस्पताल परिसर में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान इन गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर जनता की सेवा में समर्पित किया।

एडवांस लाइफ सपोर्ट से लैस: अब एंबुलेंस के भीतर ही शुरू हो जाएगा इलाज

धमतरी को मिली इन नई गाड़ियों में एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) सिस्टम की सुविधा दी गई है। यह तकनीक उन मरीजों के लिए संजीवनी साबित होगी जो सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होते हैं या जिन्हें दिल का दौरा पड़ता है। इन एंबुलेंस में वेंटिलेटर, कार्डियक मॉनिटर और हाई-फ्लो ऑक्सीजन सपोर्ट जैसे उपकरण मौजूद हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही पैरामेडिकल स्टाफ मरीज को प्राथमिक उपचार और लाइफ सपोर्ट दे सकेगा, जिससे कीमती जान बचाने की संभावना काफी बढ़ जाएगी।

ठेका बदलने से बदली तस्वीर: प्रदेश स्तर पर एंबुलेंस सेवा का हुआ कायाकल्प

छत्तीसगढ़ में 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन करने वाली एजेंसी के बदलने के बाद से ही नई और आधुनिक गाड़ियों की सप्लाई तेज हो गई है। इसी कड़ी में धमतरी जिले के लिए कुल 10 एंबुलेंस मंजूर की गई थीं, जिनमें से 7 गाड़ियां जिले में पहुंच चुकी हैं। पुरानी और खटारा हो चुकी एंबुलेंस की जगह अब ये नई गाड़ियां सड़कों पर दौड़ेंगी। प्रशासन का मानना है कि नई गाड़ियों के आने से मेंटेनेंस की समस्या कम होगी और एंबुलेंस के बीच रास्ते में खराब होने जैसी घटनाओं पर लगाम लगेगी।

ब्लॉक स्तर पर तैनाती: भखारा से लेकर नगरी तक बिछेगा सुरक्षा का जाल

स्वास्थ्य विभाग ने इन एंबुलेंस की तैनाती के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। डॉ. कौशिक के मुताबिक, वर्तमान में आई 7 गाड़ियों में से 5 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और 2 एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) गाड़ियां हैं। दोनों अत्याधुनिक ALS एंबुलेंस जिला अस्पताल धमतरी में तैनात रहेंगी। वहीं, 5 BLS एंबुलेंस को भखारा, कुरूद, मगरलोड, कुकरेल और नगरी जैसे ब्लॉक मुख्यालयों में भेजा गया है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को तत्काल सहायता मिल सके।

एंबुलेंस का प्रकारतैनाती का स्थानसंख्या
एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS)जिला अस्पताल, धमतरी02
बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS)भखारा, कुरूद, मगरलोड, कुकरेल, नगरी05
आने वाली नई गाड़ियांनगरी ब्लॉक और जिला अस्पताल03

वनांचल क्षेत्रों को प्राथमिकता: सिंगपुर और नगरी के लिए विशेष इंतजाम

धमतरी जिले के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना हमेशा से एक चुनौती रहा है। इसे देखते हुए रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा खरीदी गई पुरानी बीएलएस एंबुलेंस को अब सिंगपुर क्षेत्र में शिफ्ट किया जाएगा। वहीं, जीवनदीप समिति के माध्यम से ली गई एएलएस एंबुलेंस को नगरी के संवेदनशील इलाकों के लिए रिजर्व रखा गया है। आने वाली 3 अतिरिक्त एंबुलेंस में से 2 को फिर से नगरी ब्लॉक और 1 को जिला अस्पताल में तैनात किया जाएगा, जिससे पूरा जिला कवर हो जाएगा।

महापौर का संबोधन: जनता को त्वरित चिकित्सा सुविधा देना हमारी प्राथमिकता

लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान महापौर रामू रोहरा ने कहा कि धमतरी की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना नगर निगम और जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि समय पर एंबुलेंस न मिलने के कारण मरीज की स्थिति बिगड़ जाती है, लेकिन अब गाड़ियों की संख्या बढ़ने से ‘रिस्पॉन्स टाइम’ कम होगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अमले को इन गाड़ियों के बेहतर रख-रखाव और कॉल आने पर तुरंत पहुंचने के निर्देश भी दिए।

स्वास्थ्य सेवाओं में मजबूती: ग्रामीणों के लिए अब ‘गोल्डन ऑवर’ में मिलेगा इलाज

चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी हादसे के बाद का पहला एक घंटा (गोल्डन ऑवर) मरीज की जान बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। धमतरी के सुदूर गांवों में रहने वाले लोगों के लिए ये नई एंबुलेंस किसी वरदान से कम नहीं हैं। अत्याधुनिक उपकरणों के साथ प्रशिक्षित स्टाफ की मौजूदगी से अब जिला अस्पताल तक का सफर सुरक्षित होगा। नई गाड़ियों के जुड़ने से धमतरी की आपातकालीन स्वास्थ्य मशीनरी अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा सशक्त और भरोसेमंद नजर आ रही है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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