
धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में 31 दिसंबर की रात जश्न के नाम पर गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। कुरूद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम दर्री में अज्ञात चोरों ने एक पोल्ट्री फार्म को निशाना बनाया। बदमाशों ने फार्म से करीब 20 मुर्गे-मुर्गियां, एक इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा और दराज में रखे ढाई हजार रुपये नकद पार कर दिए। बताया जा रहा है कि चोरों ने नए साल की पार्टी मनाने के लिए इस चोरी की योजना बनाई थी। वारदात के दौरान जब फार्म संचालक की नींद खुली और उन्होंने शोर मचाया, तो बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। इस लूटपाट और मारपीट की घटना से पूरे इलाके के छोटे कारोबारियों में डर का माहौल है।

विरोध करने पर बेरहमी से पिटाई: घायल संचालक अस्पताल में भर्ती, बदमाशों के पास था घातक चाकू
पोल्ट्री फार्म संचालक जागेश्वर देवांगन ने बताया कि रात के वक्त फार्म में अचानक हलचल सुनकर वे जाग गए थे। बाहर निकलने पर उन्होंने तीन अज्ञात युवकों को मुर्गियां समेटते देखा। जब जागेश्वर ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो युवकों ने लात-घूंसों से उनकी जमकर पिटाई कर दी। संचालक के मुताबिक, बदमाशों के पास पेन की शक्ल वाला एक धारदार चाकू भी था, जिससे उन्होंने डराने की कोशिश की। हमले में गंभीर रूप से घायल जागेश्वर को तुरंत कुरूद के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। संचालक के परिवार का कहना है कि आरोपी पार्टी के नशे में लग रहे थे और काफी आक्रामक थे।

इलेक्ट्रॉनिक कांटा और गल्ला भी साफ: 31 दिसंबर की रात जश्न की आड़ में हुई लूट
संचालक के बेटे ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि चोर केवल मुर्गे ही नहीं ले गए, बल्कि दुकान के संचालन के लिए जरूरी इलेक्ट्रॉनिक कांटा भी उठा ले गए। इसके अलावा गल्ले में रखी चिल्लर और नोट समेत करीब 2500 रुपये की नकदी भी गायब है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि आरोपी आसपास के क्षेत्रों के ही हो सकते हैं, जिन्हें फार्म के रास्ते और सुरक्षा की जानकारी थी। नए साल की पूर्व संध्या पर जब पुलिस गश्त का दावा किया जा रहा था, उस वक्त गांव के बाहरी हिस्से में स्थित इस फार्म पर हुई वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल: एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी का आरोप
इस पूरे मामले में पुलिस का रवैया पीड़ित परिवार के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। संचालक के बेटे का आरोप है कि घटना की लिखित शिकायत कुरूद थाने में दी गई है, लेकिन पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया। परिजनों के अनुसार, पुलिसकर्मियों का कहना है कि जब आरोपी पकड़े जाएंगे, तभी मामला दर्ज किया जाएगा। इस गैर-जिम्मेदाराना जवाब के बाद परिजनों में नाराजगी है। मामले की पुष्टि के लिए जब उच्च अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनकी ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिला। फिलहाल पुलिस के कुछ जवान मौके पर पहुंचकर जांच की बात कह रहे हैं।



