
छत्तीसगढ़ की राजनीति के लिए 10 अप्रैल का दिन बेहद खास होने वाला है। राज्य की दो रिक्त सीटों पर निर्विरोध निर्वाचित हुईं भाजपा की लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की फूलो देवी नेताम इसी दिन राज्यसभा सदस्य के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगी। राज्यसभा सचिवालय ने शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां पूरी कर ली हैं और नवनिर्वाचित सदस्यों को इसकी आधिकारिक सूचना भेज दी गई है। इन दो महिला नेताओं के सदन में पहुँचने से छत्तीसगढ़ के स्थानीय मुद्दों को दिल्ली के गलियारों में नई मजबूती मिलेगी।
देशभर के 37 नवनिर्वाचित सदस्य एक साथ लेंगे शपथ
मार्च 2026 में हुए राज्यसभा चुनावों के बाद अब शपथ ग्रहण का समय आ गया है। 10 राज्यों की कुल 37 सीटों पर हुए इस चुनावी घमासान में 26 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए थे, जबकि 11 सीटों पर वोटिंग हुई थी। 10 अप्रैल को होने वाले इस समारोह के बाद राज्यसभा में सत्ता का संतुलन एनडीए (NDA) के पक्ष में और भी ज्यादा मजबूत हो जाएगा। खासकर बिहार की सभी 5 सीटों पर एनडीए की जीत ने विपक्षी खेमे की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
बिहार और महाराष्ट्र की सीटों पर रही सबकी नजर
इस बार के चुनाव में बिहार की राजनीति में बड़ा फेरबदल देखने को मिला। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद छोड़कर अब राज्यसभा का रास्ता चुना है, वहीं भाजपा ने अपने प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन को उच्च सदन भेजकर उनकी राष्ट्रीय राजनीति की राह साफ कर दी है। महाराष्ट्र में भी समीकरण दिलचस्प रहे, जहाँ शरद पवार और पार्थ पवार जैसे दिग्गज नाम एक ही सदन में नजर आएंगे। तमिलनाडु में डीएमके और पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ने अपना दबदबा बरकरार रखा है।
राज्यसभा चुनाव 2026: निर्वाचित सदस्यों की राज्यवार सूची
| राज्य | निर्वाचित प्रमुख सदस्य | पार्टी |
| छत्तीसगढ़ | लक्ष्मी वर्मा, फूलो देवी नेताम | भाजपा, कांग्रेस |
| बिहार | नीतीश कुमार, नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा | जदयू, भाजपा, आरएलएम |
| महाराष्ट्र | विनोद तावड़े, रामदास अठावले, शरद पवार | भाजपा, आरपीआई, एनसीपी |
| असम | जोगेन मोहन, तेराश गोवाला | भाजपा |
| हरियाणा | संजय भाटिया, करमवीर सिंह बौद्ध | भाजपा, कांग्रेस |
| पश्चिम बंगाल | बाबुल सुप्रियो, कोयल मल्लिक, राहुल सिन्हा | टीएमसी, भाजपा |
| तेलंगाना | अभिषेक मनु सिंघवी, वेम नरेंद्र रेड्डी | कांग्रेस, बीआरएस |
| ओडिशा | मनमोहन सामल, दिलीप राय | भाजपा |
एनडीए के पक्ष में झुकेगा सत्ता का पलड़ा
इन 37 नए सदस्यों के आने के बाद राज्यसभा में विधायी कार्यों को गति मिलेगी। केंद्र सरकार के लिए अब कई महत्वपूर्ण बिल पास कराना आसान हो जाएगा, क्योंकि उच्च सदन में भाजपा और उसके सहयोगी दलों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा के रूप में भाजपा को एक प्रखर वक्ता मिली है, वहीं फूलो देवी नेताम के अनुभव का लाभ कांग्रेस को विपक्ष की भूमिका निभाने में मिलेगा।
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