
भिलाई: Bhilai Steel Plant Property Tax Notice: छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े औद्योगिक संस्थानों में शामिल भिलाई स्टील प्लांट (BSP) और भिलाई नगर निगम (BMC) के बीच कर वसूली को लेकर तनातनी अपने चरम पर है। ताज़ा मामला 228 करोड़ रुपये के प्रॉपर्टी टैक्स का है, जिसके लिए नगर निगम ने बीएसपी को नोटिस थमा दिया है। टैक्स न चुकाने पर निगम अब सख्त कार्रवाई के मूड में है।
30 दिन की मोहलत, वरना कुर्की की तैयारी
Municipal Corporation: नगर निगम भिलाई ने बीएसपी को नोटिस जारी करते हुए 30 दिन के भीतर टैक्स अदा करने का अल्टीमेटम दिया है। बताया जा रहा है कि यह राशि एक साल की प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। लेकिन बीएसपी प्रबंधन की ओर से अब तक कोई भुगतान नहीं हुआ है। ऐसे में नगर निगम सख्त रुख अपनाने की तैयारी में जुट गया है।
हाईटेक सर्वे की तैयारी, IIT भिलाई से संपर्क
Property Tax Notice: नगर निगम अब बीएसपी की सम्पत्तियों का ब्योरा ड्रोन से तैयार कराना चाहता है। इसके लिए IIT भिलाई से संपर्क किया गया है। निगमायुक्त राजीव कुमार पांडे ने बताया कि अगर आईआईटी तैयार हो जाता है तो सर्वे का काम उसी को सौंपा जाएगा, वरना विकल्प खुले हैं। यह सर्वे संपत्तियों की सही स्थिति, उपयोग और किराये की स्थिति को लेकर किया जाएगा।

टैक्स विवाद पुराना, 2019 में भी भेजा गया था कुर्की नोटिस
यह विवाद कोई नया नहीं है। अप्रैल 2019 में भी भिलाई नगर निगम ने बीएसपी को कुर्की का नोटिस भेजा था। आरोप था कि प्लांट प्रबंधन ने अपनी संपत्तियों की पूरी जानकारी नहीं दी थी और शिक्षा उपकर की राशि भी कम जमा की गई थी। यह मामला फिलहाल बिलासपुर हाईकोर्ट में लंबित है।
RTI से निकाले गए 6000 पेज, अब आर-पार की लड़ाई
Bhilai Steel Plant: इस पूरे विवाद को लेकर बीएसपी ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत 6000 पन्नों के दस्तावेज हासिल किए हैं। वहीं, नगर निगम का आरोप है कि बीएसपी हॉस्पिटल, स्कूल, पार्क, धार्मिक स्थल, सुरक्षाबलों की कॉलोनी जैसी संपत्तियों को सार्वजनिक बताकर टैक्स से बच रहा है। लेकिन हकीकत ये है कि इनसे किराया और फीस वसूली जा रही है, इसलिए टैक्स बनता है।
बैठकें हुईं, समाधान नहीं निकला
बीते महीनों में इस मुद्दे को लेकर कई बार बीएसपी और नगर निगम के अधिकारियों के बीच बैठकें हुईं, लेकिन हल नहीं निकल पाया। अब दोनों ही पक्ष कोर्ट के फैसले और प्रस्तावित संपत्ति सर्वेक्षण पर नजरें गड़ाए बैठे हैं।



