
Ayodhya Tour Fraud: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से धार्मिक आस्था के नाम पर धोखाधड़ी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। रतनपुर थाना क्षेत्र के दो गांवों में एक शातिर ठग ने खुद को अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट का सदस्य बताकर दर्जनों ग्रामीणों को अपनी ठगी का शिकार बना लिया। आरोपी ने सरलता से जीवन जीने वाले इन ग्रामीणों को बेहद कम खर्च में अयोध्या धाम की तीर्थ यात्रा कराने का लालच दिया था। जब तय तारीख बीत जाने के बाद भी यात्रा शुरू नहीं हुई और आरोपी का मोबाइल फोन बंद मिला, तब जाकर पीड़ितों को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने एकजुट होकर थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
खुद को बताता था अयोध्या ट्रस्ट का सदस्य, ग्रामीणों का भरोसा जीतने के लिए घरों से जुटाता था चावल
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े का मुख्य सूत्रधार मुंगेली जिले के लोरमी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम झझपुरीकला (सतनामीपारा) का निवासी होरी लाल अनंत है। आरोपी पिछले करीब एक साल से बिलासपुर के रतनपुर इलाके के ग्राम गोंदइया और बछालीखुर्द में लगातार आ-जा रहा था। ग्रामीणों के बीच पैठ बनाने और उनका भरोसा जीतने के लिए उसने खुद को ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या’ का आधिकारिक सदस्य घोषित कर रखा था। वह अक्सर राम मंदिर के नाम पर ग्रामीणों के घरों से पूजा के चावल और छोटा-मोटा आर्थिक सहयोग भी इकट्ठा करता था ताकि किसी को उस पर शक न हो।
प्रति व्यक्ति 1501 रुपये की वसूली, दो गांवों के 75 सीधे-साधे लोग बने ठगी का शिकार
जब ग्रामीणों को पूरी तरह से उसकी बातों पर विश्वास हो गया, तब होरी लाल ने उन्हें बहुत ही कम खर्च में अयोध्या की विशेष तीर्थ यात्रा कराने की योजना बताई। उसने यात्रा के खर्च के रूप में प्रति व्यक्ति केवल 1,501 रुपये जमा करने को कहा। भगवान राम के दर्शन की चाह में ग्रामीणों ने बिना सोचे-समझे उसे नकद राशि सौंप दी। आरोपी ने ग्राम गोंदईया के 43 नागरिकों से कुल 64,543 रुपये और पास के ही ग्राम बछालीखुर्द के 32 ग्रामीणों से 48,032 रुपये वसूल किए। इस तरह उसने दोनों गांवों के कुल 75 लोगों से करीब 1,12,575 रुपये की रकम ऐंठ ली।
7 मई को रवाना होनी थी अयोध्या के लिए बस, तारीख आते ही आरोपी ने बंद किया मोबाइल
ठगी के शिकार हुए पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि आरोपी होरी लाल ने सभी कागजी औपचारिकताएं पूरी करने का दावा करते हुए अयोध्या रवानगी के लिए 7 मई 2026 की तारीख मुकर्रर की थी। तय शेड्यूल के मुताबिक दोनों गांवों के श्रद्धालु अपनी तैयारी पूरी कर चुके थे। लेकिन जैसे ही 7 मई का दिन करीब आया, आरोपी अचानक गांव से गायब हो गया। ग्रामीणों ने जब उसके दिए हुए नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, तो उसका मोबाइल फोन लगातार बंद (स्विच ऑफ) आने लगा। इसके बाद पीड़ितों ने उसके परिचितों से भी पूछताछ की, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला।
रतनपुर थाने पहुंचे पीड़ित ग्रामीण, हेमंत साहू की अगुवाई में दर्ज कराई सामूहिक एफआईआर
कई दिनों तक आरोपी की तलाश करने और हर स्तर पर संपर्क टूटने के बाद ग्रामीणों का सब्र का बांध टूट गया। इसके बाद ग्राम गोंदइया के निवासी हेमंत साहू की अगुवाई में दोनों गांवों के प्रभावित महिला-पुरुष और बुजुर्ग सामूहिक रूप से रतनपुर थाने पहुंचे। ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों को अपनी आपबीती सुनाते हुए लिखित आवेदन सौंपा। पीड़ितों ने बताया कि आरोपी ने उनकी धार्मिक आस्था और भगवान राम के प्रति श्रद्धा का फायदा उठाकर उनकी गाढ़ी कमाई पर डाका डाला है।
भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज, पुलिस की विशेष टीम आरोपी की तलाश में रवाना
ग्रामीणों की सामूहिक लिखित शिकायत पर रतनपुर थाना पुलिस ने तत्काल संज्ञान लिया है। पुलिस ने आरोपी होरी लाल अनंत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) यानी धोखाधड़ी के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश देने के लिए पुलिस की एक विशेष टीम को मुंगेली जिले के लोरमी क्षेत्र के लिए रवाना कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
धार्मिक यात्राओं के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े से बचें, प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
इस घटना के सामने आने के बाद बिलासपुर जिला पुलिस प्रशासन ने आम जनता और खासकर ग्रामीण अंचलों के लोगों के लिए एक जरूरी एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के दावों पर भरोसा करके धार्मिक यात्राओं या सरकारी योजनाओं के नाम पर नकदी का लेनदेन न करें। किसी भी टूर ऑपरेटर को राशि देने से पहले उसकी संस्था के वैध दस्तावेजों और पंजीकरण की जांच जरूर कर लें। यदि कोई व्यक्ति खुद को किसी बड़े धार्मिक ट्रस्ट का प्रतिनिधि बताता है, तो तुरंत स्थानीय प्रशासन या नजदीकी थाने को इसकी सूचना देकर सच्चाई का पता लगाएं।



