
राजिम GeM Portal Scam: राजिम के राजीव लोचन स्नातकोत्तर महाविद्यालय में जेम पोर्टल (GeM Portal) के जरिए सामग्री खरीद में गड़बड़ी सामने आने के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है। जाँच में सरकारी खरीद नियमों के उल्लंघन (Government Procurement Rules Violation) और आर्थिक अनियमितता की पुष्टि होने पर प्राचार्य और तीन प्राध्यापकों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभाग का कहना है कि खरीद प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया था, जिसके बाद यह कठोर कदम उठाना जरूरी हो गया।
सामग्री खरीद में गड़बड़ी और अनियमितता की पुष्टि
Scam Details: उच्च शिक्षा विभाग को मिली शिकायतों की जाँच में पता चला कि महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सविता मिश्रा और तीन सहायक प्राध्यापकों ने जेम पोर्टल के माध्यम से की गई सामग्री खरीदी में गंभीर नियमों का उल्लंघन किया। छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई का फैसला लिया। जाँच के शुरुआती निष्कर्षों में आर्थिक अनियमितता की संलिप्तता भी सामने आई है।
इन चार अधिकारियों पर गिरी निलंबन की गाज
Suspended Officers: गड़बड़ी के मामले में उच्च शिक्षा विभाग ने जिन चार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
- डॉ. सविता मिश्रा (प्राचार्य)
- डॉ. मोहन लाल वर्मा (सहायक प्राध्यापक)
- देवेन्द्र देवांगन (सहायक प्राध्यापक)
- मनीषा भोई (सहायक प्राध्यापक)
विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि जेम पोर्टल से खरीदी गई सामग्री में निर्धारित नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया, जिसके कारण उन्हें निलंबित किया गया।
निलंबन के बाद बदला मुख्यालय, आगे की जाँच जारी
Rajiv Lochan Post Graduate College Rajim: निलंबन आदेश के साथ ही सभी अधिकारियों का मुख्यालय बदल दिया गया है। अब इनका मुख्यालय क्षेत्रीय अपर संचालक कार्यालय, रायपुर रहेगा। इस कदम का उद्देश्य यह है कि आगे की जाँच किसी भी बाहरी दबाव के बिना और निष्पक्ष तरीके से संचालित की जा सके। जाँच पूरी होने के बाद ही इन अधिकारियों के खिलाफ अगली कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
विभाग ने दिए पारदर्शिता और नियम पालन के स्पष्ट निर्देश
उच्च शिक्षा विभाग ने इस कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता और नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभाग ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी महाविद्यालयों को खरीद प्रक्रिया में पूरी सावधानी बरतने और सरकारी प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।



