
बिलासपुर। CG Tehsildar Protest: छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ द्वारा चल रही तहसीलदारों-नायाब तहसीलदारों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की इस हड़ताल पर शासन स्तर से मिले ठोस आश्वासन और मंत्री स्तर पर सकारात्मक संवाद के बाद यह फैसला लिया गया।
Tehsildar strike: संघ का कहना है कि यह आंदोलन केवल असंतोष नहीं था, बल्कि “राजस्व प्रशासन में न्याय, समन्वय और सुधार” की एक सशक्त मांग थी, जिसे सरकार ने अब गंभीरता से लिया है।
राजस्व प्रशासन की गरिमा और सुधार के लिए उठाया गया कदम
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने राज्यभर में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की एकजुटता से यह आंदोलन शुरू किया था। बातचीत के बाद शासन ने उनकी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर गंभीर सहमति जताई।
Naib Tehsildar Protest: संघ ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल वेतन, पदोन्नति या संसाधनों की मांग नहीं था, बल्कि राजस्व विभाग की गरिमा और कार्यकुशलता को बहाल करने का प्रयास था।
प्रमुख मांगों पर मिला ठोस आश्वासन
राजस्व मंत्री, सामान्य प्रशासन और राजस्व विभाग के सचिव, साथ ही भू-अभिलेख संचालक की मौजूदगी में हुई चर्चा में कई मांगों पर सहमति बनी। इनमें प्रमुख हैं:
- तहसीलों में स्टाफ, वाहन और ढांचागत सुविधाएं मिलने तक कार्यों में शिथिलता की अनुमति
- सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत अनावश्यक दंड से राहत
- डिप्टी कलेक्टर पदोन्नति में 50:50 अनुपात की बहाली
- नायब तहसीलदार पद को राजपत्रित दर्जा देने की प्रक्रिया शुरू
- शासकीय वाहन की स्थायी व्यवस्था के लिए नीति निर्माण
- ग्रेड-पे संशोधन हेतु समिति का गठन
- निलंबन मामलों पर शीघ्र निर्णय
- न्यायाधीश संरक्षण अधिनियम के अनुपालन की गारंटी
संघर्ष अभी थमा है, खत्म नहीं
संघ का कहना है कि सभी 17 सूत्रीय मांगों पर चरणबद्ध कार्यवाही की सहमति बनी है। उन्होंने अपने सदस्यों से अपील की है कि हड़ताल स्थगन को कमजोरी न समझा जाए, बल्कि इसे एक रणनीतिक जीत और संवाद की ताकत माना जाए।
यह समय संगठन की एकता और शासन की समयसीमा पर भरोसा जताने का है। यदि निर्धारित समय के भीतर समाधान सामने नहीं आता, तो संघ फिर से आंदोलन की राह पर लौटेगा।



