जनगणना 2027 की तैयारियों के लिए अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

दुर्ग जिले में जनगणना 2027 की तैयारी औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में नगरीय निकायों के जनगणना चार्ज अधिकारी और राजस्व अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्टर अभिजीत सिंह ने की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और जनगणना के दौरान आने वाली दिक्कतों को पहले ही समझ लें।

कलेक्टर ने सटीक जानकारी पर दिया जोर

कलेक्टर अभिजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि जनगणना की सफलता सटीक और भरोसेमंद जानकारी पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि गांवों और शहरों की सीमाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी से आंकड़ों पर असर पड़ सकता है। इसलिए प्रशिक्षण के दौरान दी जा रही हर जानकारी को ध्यान से समझना जरूरी है।

डिजिटल होगी जनगणना, दो चरणों में होगा काम

प्रशिक्षण में सहायक निदेशक जनगणना और जिले की नोडल अधिकारी रश्मिता स्वाई ने बताया कि जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। यह प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति और सीमाओं का भूसंदर्भ में सही होना जरूरी है, ताकि कोई भी बसाहट छूट न जाए और सीमाओं में ओवरलैप न हो।

मानचित्र और शेप फाइल की जांच की जिम्मेदारी

रश्मिता स्वाई ने बताया कि जनगणना में इस्तेमाल होने वाले चार्ज मानचित्र की सटीकता संबंधित चार्ज अधिकारी की जिम्मेदारी होती है। जनगणना निदेशालय तहसीलवार शेप फाइल सॉफ्ट कॉपी में उपलब्ध कराएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे इन फाइलों की जांच करें और जरूरत पड़ने पर गूगल अर्थ प्रो की मदद से सीमाओं में सुधार कर संशोधित फाइल भेजें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि सभी राजस्व गांव और नगर मानचित्र में शामिल हों।

अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी, शंकाओं का समाधान

प्रशिक्षण के दौरान तकनीकी सहायक धर्मेन्द्र सिन्हा ने ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों की शेप फाइल और मानचित्र की जानकारी दी। जनगणना निदेशालय के अधिकारियों ने मौजूद रहकर सवालों के जवाब दिए। कार्यक्रम में एडीएम अभिषेक अग्रवाल, विभिन्न नगर निगमों के आयुक्त, एसडीएम, तहसीलदार और जनगणना चार्ज अधिकारी शामिल हुए। कलेक्टर ने कहा कि इस प्रशिक्षण का मकसद अधिकारियों को डिजिटल जनगणना के लिए तैयार करना है ताकि जनगणना 2027 जिले में बिना किसी त्रुटि के पूरी हो सके।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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